मोहर्रम पर दल्ली राजहरा में गूंजी शोहदाए कर्बला की याद
ज़िक्र-ए-शोहदाए कर्बला, तकरीर, नमाज़-ए-आशूरा और आम लंगर के माध्यम से दिया अमन, भाईचारे और कुर्बानी का संदेश

मोहर्रम पर दल्ली राजहरा में गूंजी शोहदाए कर्बला की याद
ज़िक्र-ए-शोहदाए कर्बला, तकरीर, नमाज़-ए-आशूरा और आम लंगर के माध्यम से दिया अमन, भाईचारे और कुर्बानी का संदेश
दल्ली राजहरा। जामा मस्जिद दल्ली राजहरा के सदर (अध्यक्ष) मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि माहे मोहर्रमुल हराम के अवसर पर जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के तत्वावधान में श्रद्धा, अकीदत और धार्मिक उल्लास के साथ “ज़िक्र-ए-शोहदाए कर्बला”, दीनी तकरीर, नमाज़-ए-आशूरा एवं आम लंगर का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं युवाओं ने भाग लेकर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला की महान कुर्बानियों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि “दीने नबी का डंका बजाया हुसैन ने, राहे खुदा में सर को कटाया हुसैन ने।” साथ ही उलेमा-ए-किराम ने इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को इंसानियत, सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए दी गई सर्वोच्च कुर्बानी बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
20 जून (4 मोहर्रम) को बाद नमाज़-ए-ईशा उलेमा-ए-किराम की तकरीर का आयोजन हुआ, जिसकी निज़ामत मौलाना हकीक अहमद नूरी (नायब इमाम) ने की। इस अवसर पर क़ारी अब्दुल बशीर अहमद रिज़वी (इमाम व ख़तीब) तथा हाफ़िज़ व क़ारी गुलाम सिमनानी (उस्ताद, दारुल उलूम इमामे आज़म) ने कर्बला की कुर्बानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
21 जून (5 मोहर्रम) को महिलाओं के लिए विशेष एक दिवसीय दुरूदख़ानी एवं दीनी तकरीर का आयोजन किया गया। इसमें आलिमा फ़ाज़िला कायनात फ़ातिमा रिज़वी एवं आलिमा फ़ाज़िला क़ारिया अमरीन फ़ातिमा रिज़वी ने शोहदाए कर्बला के विषय पर प्रेरणादायी बयान देते हुए कहा कि “इल्मे दीन हासिल करना हर मुसलमान मर्द और औरत पर फ़र्ज़ है।”
10 मोहर्रम (26 जून) को जामा मस्जिद में नमाज़-ए-आशूरा अदा की गई। इसके बाद जुमे की नमाज़ के पश्चात इंतजामिया कमेटी, मुतवल्लियों एवं यंग मुस्लिम युवाओं के सहयोग से आम लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर लंगर ग्रहण किया।
कार्यक्रम के समापन पर उलेमा-ए-किराम ने देश एवं प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली, आपसी भाईचारे और इंसानियत की सलामती के लिए विशेष दुआएँ कीं। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह जानकारी जामा मस्जिद दल्ली राजहरा के सदर (अध्यक्ष) मुश्ताक अहमद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।




