संस्कारों की ज्योति जगा रहा “श्री सीताराम बाल संस्कार केंद्र”
हनुमान चालीसा पाठ, भक्ति आरती और धार्मिक गतिविधियों से बच्चों में जाग रही राष्ट्रभक्ति व सनातन संस्कृति की चेतना

बालोद नगर में पिछले चार वर्षों से संचालित “श्री सीताराम बाल संस्कार केंद्र” बच्चों और युवाओं के जीवन में संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की अलख जगा रहा है। विश्व हिन्दू परिषद जिला बाल संस्कार केंद्र प्रमुख श्रीमती पूजा जैन के मार्गदर्शन में संचालित यह केंद्र आज नई पीढ़ी को आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

प्रत्येक रविवार को बालोद नगर स्थित मोखाला मांझी मंदिर तथा प्रत्येक मंगलवार को कपिलेश्वर मंदिर में बच्चों एवं युवाओं द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ, भक्ति, आरती एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में बच्चों की श्रद्धा और सहभागिता समाज के लिए प्रेरणादायी बन रही है।
आज के आधुनिक दौर में जहां बच्चे मोबाइल और आभासी दुनिया में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, वहीं “श्री सीताराम बाल संस्कार केंद्र” उन्हें धर्म, संस्कृति, सेवा और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। यहां बच्चों को केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि सेवा भाव, अनुशासन, सुरक्षा एवं समाज निर्माण के संस्कार भी दिए जाते हैं।
समय-समय पर बच्चों को आरती पुस्तक, धर्म ध्वजा एवं श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण कर भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। साथ ही वर्षभर विभिन्न धार्मिक त्योहार उत्साहपूर्वक मनाए जाते हैं तथा प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक चेतना विकसित की जाती है।
विश्व हिन्दू परिषद जिला बाल संस्कार केंद्र प्रमुख श्रीमती पूजा जैन ने कहा कि, “आज के यही बच्चे कल देश और समाज का भविष्य बनेंगे। यदि बचपन से ही उन्हें धर्म, संस्कार और राष्ट्रसेवा की शिक्षा मिलेगी, तो आने वाला भारत और अधिक मजबूत एवं संस्कारित बनेगा।”
इस पुनीत कार्य में मोखाला मांझी मंदिर समिति की मातृ शक्तियों एवं बाल मंदिर की अध्यापिका रानी योगी का भी निरंतर सहयोग मिल रहा है। उनके सहयोग और समर्पण से यह संस्कार केंद्र बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है।
“श्री सीताराम बाल संस्कार केंद्र” केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को संस्कारित, जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक बनाने का एक प्रेरणादायी अभियान बन गया है।




