लोह नगरी में ‘शराब-सट्टा सिंडिकेट’ का बोलबाला!
नए थाना प्रभारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती, क्या थमेगा अवैध कारोबार या यूं ही बर्बाद होगा युवाओं का भविष्य?

लोह नगरी में ‘शराब-सट्टा सिंडिकेट’ का बोलबाला!
नए थाना प्रभारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती, क्या थमेगा अवैध कारोबार या यूं ही बर्बाद होगा युवाओं का भविष्य?
दल्लीराजहरा, बालोद। लौह अयस्क की खदानों और औद्योगिक पहचान के लिए मशहूर दल्लीराजहरा शहर इन दिनों अवैध शराब और सट्टे के कथित बढ़ते कारोबार को लेकर चर्चा के केंद्र में है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में अवैध गतिविधियों के संचालन को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार बस स्टैंड, गांधी चौक, आशा टॉकीज के आसपास, पुराना बाजार, 256 चौक तथा मुख्य मार्केट क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री और सट्टे के संचालन की शिकायतें लगातार सुनने को मिल रही हैं। लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक स्थानों के आसपास इस तरह की गतिविधियां होने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और युवाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।
शहरवासियों का कहना है कि अवैध शराब और सट्टे का कथित नेटवर्क धीरे-धीरे युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। नशे और जुए की प्रवृत्ति बढ़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है तथा सामाजिक ताना-बाना भी प्रभावित हो सकता है। नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है।
लोगों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि अवैध कारोबार के कारण अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका बनी रहती है। ऐसे में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग की है कि पूरे शहर में विशेष अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसी बीच शहर में नए थाना प्रभारी की पदस्थापना के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। नागरिकों का मानना है कि नई पुलिस टीम के नेतृत्व में अवैध शराब और सट्टे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई देखने को मिल सकती है। अब शहर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नए थाना प्रभारी के आने के बाद अवैध शराब बिक्री और सट्टे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी, या फिर यह धंधा पहले की तरह जारी रहेगा?
शहर के युवाओं और अभिभावकों की चिंता यह है कि यदि अवैध गतिविधियों पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका सीधा असर नई पीढ़ी के भविष्य पर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि क्या अवैध कारोबार संचालित करने वाले तत्वों पर वास्तव में कार्रवाई होगी या फिर वे प्रभावशाली संरक्षण के सहारे बेखौफ बने रहेंगे।
फिलहाल दल्लीराजहरा की जनता प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई का इंतजार कर रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि लोह नगरी को अवैध शराब और सट्टे के कथित जाल से मुक्त कराने के लिए कितनी सख्ती दिखाई जाती है। जनता की निगाहें अब पूरी तरह प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।
Title sub title ke sath news bnaye




