मूक पशु-पक्षियों पर क्रूरता करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने पशु-पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन में सहयोग की अपील की

बालोद, 20 मई 2026।
जिला प्रशासन बालोद द्वारा मूक पशु-पक्षियों के प्रति करूणा एवं संवेदनशीलता का भाव रखते हुए उनके संरक्षण एवं संवर्धन में सहयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन ने व्यापारियों एवं आम नागरिकों से दोपहिया वाहनों में मुर्गा-मुर्गियों को उल्टा लटकाकर नहीं ले जाने तथा गाय, भैंस जैसे पशुओं को चारपहिया वाहनों में ठूंस-ठूंस कर परिवहन नहीं करने की अपील की है। साथ ही भूखे, प्यासे एवं बीमार पशुओं का परिवहन नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पशुधन विभाग बालोद के उप संचालक ने बताया कि इस प्रकार के कृत्य पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं। अधिनियम के तहत मुर्गियों या अन्य पक्षियों को उल्टा लटकाने, पैर बांधकर बाइक में ले जाने या उन्हें प्रताड़ित करने पर प्रथम अपराध में आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं तीन वर्ष के भीतर दोबारा अपराध करने पर तीन महीने तक की जेल, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि वाहनों में क्षमता से अधिक पशुओं को भरकर परिवहन करने अथवा अवैध परिवहन करने पर वाहन मालिक एवं चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन जब्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अधिनियम के तहत कारावास एवं आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं को भूखे, प्यासे या बीमार अवस्था में रखने पर शासन द्वारा पशुओं को अपने कब्जे में लेने के साथ दोषियों पर जुर्माना एवं जेल की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं भारतीय दण्ड संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मूक पशुओं को अपंग करने पर भारी जुर्माना और पांच वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि पशुओं को भी दर्द और पीड़ा का एहसास होता है। व्यावसायिक लाभ के लिए उनके साथ अमानवीय व्यवहार करना कानूनन अपराध है। प्रशासन ने मुर्गियों एवं अन्य पशुओं के परिवहन के दौरान उचित पिंजरों अथवा हवादार वाहनों का उपयोग करने तथा वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही पशुओं को रखने की सलाह दी है।
इसके साथ ही नागरिकों से कहीं भी पशु-पक्षियों के साथ क्रूरता दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय या पुलिस थाने को सूचित करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से मूक पशु-पक्षियों पर हो रही क्रूरता को रोककर एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देने का आग्रह किया है।

