मुख्य छत्तीसगढ़ सचिव से पहचान का झांसा देकर सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी
बालोद पुलिस ने महिला आरोपी को किया गिरफ्तार, फर्जी ऑफर लेटर दिखाकर 7 लोगों से 25.50 लाख रुपये ऐंठने का आरोप; लोगों से सतर्क रहने की अपील

मुख्य छत्तीसगढ़ सचिव से पहचान का झांसा देकर सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी
बालोद पुलिस ने महिला आरोपी को किया गिरफ्तार, फर्जी ऑफर लेटर दिखाकर 7 लोगों से 25.50 लाख रुपये ऐंठने का आरोप; लोगों से सतर्क रहने की अपील
बालोद। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बालोद पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी स्वयं को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से परिचित बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को मरारपारा निवासी डामिन साहू ने थाना बालोद में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पहचान बिंदु दुबे और ललिता गजेंद्र के साथ एक परिचित के माध्यम से पांडेपारा निवासी लता धीवर से हुई थी। लता धीवर ने स्वयं की पहचान छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से होना बताते हुए कृषि विभाग एवं जिला अस्पताल में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और तीनों से कुल 5 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद न तो नौकरी मिली और न ही राशि वापस की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी लता धीवर से पूछताछ की, जिसमें उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर कुल 7 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख 50 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि प्राप्त राशि में से 23 लाख 92 हजार 500 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जबकि उसे कमीशन के रूप में 1 लाख 57 हजार रुपये मिले।
पुलिस ने आरोपी श्रीमती लता धीवर (36 वर्ष), निवासी पांडेपारा, बालोद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, उपनिरीक्षक सूरज साहू, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, आरक्षक लक्ष्मण साहू तथा महिला आरक्षक ममता ठाकुर एवं जागृति ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बालोद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की राशि देने से पहले संबंधित विभाग से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें तथा संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।




