वार्ड 15 और 19 के विकास कार्यों पर उठे सवाल, नगर पालिका बालोद से मांगा गया जवाब
आरटीआई दस्तावेजों और जमीनी स्थिति में अंतर के आरोप; नागरिकों ने की जांच और पारदर्शिता की मांग

बालोद। नगर पालिका परिषद बालोद में विकास कार्यों और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर नए सवाल खड़े हुए हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों और स्थानीय स्तर पर किए गए निरीक्षण के आधार पर कुछ नागरिकों ने वर्ष 2025-26 के विकास कार्यों में कथित विसंगतियों की आशंका जताई है। मामले को लेकर नगर पालिका प्रशासन से स्पष्टीकरण और जांच की मांग की जा रही है।
जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता उमेश कुमार सेन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 19 में दर्ज एक निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 15 में स्थापित झूलों की लागत को लेकर प्रश्न उठाए गए हैं।
वार्ड क्रमांक 19 में चबूतरा निर्माण को लेकर सवाल
आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों में वार्ड क्रमांक 19 में चबूतरा निर्माण कार्य का उल्लेख किया गया है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का दावा है कि स्थल निरीक्षण के दौरान उन्हें संबंधित निर्माण कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया। इसके बाद नागरिकों ने निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति और उपयोग की गई राशि का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
वार्ड क्रमांक 15 में झूलों की लागत पर चर्चा
वार्ड क्रमांक 15 के पुलिस लाइन क्षेत्र में नगर पालिका अध्यक्ष निधि से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से बच्चों के लिए झूले लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार कुल 16 झूलों का उल्लेख किया गया है, जिससे प्रति झूला लागत लगभग 62,500 रुपये बैठती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झूले अलग-अलग स्थानों पर स्थापित हैं और उनकी संख्या तथा लागत को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। नागरिकों ने झूलों की गुणवत्ता, बाजार मूल्य और व्यय की तकनीकी जांच की मांग की है।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
मामले को लेकर नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से निम्न मांगें रखी हैं—
संबंधित कार्यों के बिल, वाउचर और तकनीकी स्वीकृति दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
चबूतरा निर्माण एवं झूला स्थापना कार्यों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन के जवाब का इंतजार
मामला सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं तो संबंधित दस्तावेज और तथ्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार की शंका दूर हो सके।




