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50% अनुदान योजना पर उठे सवाल: किसानों को बांटे गए खराब डेचा बीज!

बालोद, डोंडी और गुरूर ब्लॉक में निम्न गुणवत्ता के बीज वितरण का आरोप, किसानों ने जांच और कार्रवाई की मांग की

बालोद, 2 जून। बालोद जिले के बालोद, डोंडी और गुरूर विकासखंड में कृषि विभाग द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान योजना के तहत वितरित किए गए डेचा बीजों की गुणवत्ता को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा बिना उचित गुणवत्ता परीक्षण के खराब एवं निम्न स्तर के बीजों का वितरण किया गया है, जिससे उनकी खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।


किसानों के अनुसार वे वर्तमान में हरित खाद के लिए डेचा बीज की बोवाई की तैयारी कर रहे हैं। इसी दौरान बीजों की गुणवत्ता जांचने के लिए किसानों ने पारंपरिक तरीके से बीजों को पानी में डालकर परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में बीज पानी के ऊपर तैरते दिखाई दिए, जबकि कई बीजों में सड़न एवं घुन लगे होने की शिकायत भी सामने आई है।
ग्रामीण किसानों का कहना है कि शासन की अनुदान योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर कृषि सामग्री उपलब्ध कराना है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने आरोप लगाया कि बीज वितरण से पहले गुणवत्ता की समुचित जांच नहीं की गई।
मामले को लेकर किसानों ने कृषि विभाग से तत्काल जांच कराने, खराब बीजों की आपूर्ति करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए तो खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं।
इधर किसान संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसानों की शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में आंदोलन किया जाएगा। अब सभी की निगाहें कृषि विभाग की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
मुख्य बिंदु
50% अनुदान योजना के तहत वितरित किए गए डेचा बीजों पर सवाल।
पानी परीक्षण में आधे से अधिक बीज तैरने का किसानों का दावा।
कई बीजों में सड़न और घुन लगने की शिकायत।
किसानों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।

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