फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर जमीन बेचने की साजिश का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार
15 लाख रुपये में कृषि भूमि का किया था सौदा, फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिया था डेढ़ लाख रुपये का बयाना

बालोद, 06 जून। बालोद पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर कृषि भूमि की बिक्री करने वाले गिरोह के एक आरोपी को घटना के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार ग्राम लाटाबोड़ निवासी डमेन्द्र कुमार गंजीर की 1 एकड़ 60 डिसमिल कृषि भूमि के नाम पर जारी ऋण पुस्तिका की नकली प्रति तैयार कर आरोपियों ने जमीन बेचने का प्रयास किया। आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी एवं हरिशंकर गजभिये ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और हरिशंकर गजभिये ने स्वयं को भूमि स्वामी डमेन्द्र कुमार गंजीर बताकर ग्राम देवारभाट निवासी विनोद कुमार वर्मा एवं उनकी पत्नी कमला वर्मा से संपर्क किया।
आरोपियों ने उक्त कृषि भूमि का सौदा 15 लाख रुपये में तय कर कमला वर्मा से 1 लाख 50 हजार रुपये की बयाना राशि प्राप्त कर ली। साथ ही इकरारनामा तैयार कर फर्जी ऋण पुस्तिका भी सौंप दी। बाद में दस्तावेजों की जांच के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर पीड़ित पक्ष ने अपनी राशि वापस मांगी। इस पर आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी ने बंधन बैंक के दो चेक के माध्यम से कुल 1 लाख 50 हजार रुपये लौटाने की बात स्वीकार की।
मामले की शिकायत पर बालोद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथी हरिशंकर गजभिये के साथ मिलकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर जमीन बिक्री की साजिश रचने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी (40 वर्ष), निवासी ग्राम खैरतराई, थाना एवं जिला बालोद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वहीं, मामले का मुख्य आरोपी हरिशंकर गजभिये, निवासी ग्राम परसोदा, थाना बालोद, अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई कार्रवाई में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, आरक्षक लक्ष्मण तथा आरक्षक खिलेश नेताम का विशेष योगदान रहा।




