अमृतम जलम एवं 171वां जल संरक्षण-स्वच्छता जागरूकता अभियान संपन्न
नदी-तालाबों और मंदिर परिसरों की सफाई कर लोगों को दिया स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश

भिलाई/दुर्ग। हरा-भरा, स्वच्छ धरा के उद्देश्य को लेकर स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ द्वारा लगातार 171वें सप्ताह पत्रिका अमृतम जलम एवं जल संरक्षण-स्वच्छता जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। समिति के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल तथा पुनीत कौशिक के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों, शिवनाथ नदी घाट ग्राम महमरा, हुडको तालाब भिलाई नगर, महाकाल शिव मंदिर सुरेगांव, शिव दुर्गा मंदिर, कपिश्वर धाम भिलाई एवं ग्राम अंजोरा में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने नदी, तालाब और मंदिर परिसरों से प्लास्टिक बोतलें, पानी पाउच, खाद्य पदार्थों के रैपर, डिस्पोजल सामग्री, गुटखा पाउच, झिल्ली, कागज, जूठे दोने-पत्तल तथा पूजन सामग्री सहित बड़ी मात्रा में कचरा एकत्र कर निर्धारित स्थान पर डंप किया। यह कचरा सड़ने से दुर्गंध फैल रही थी, जिसे टीम ने श्रमदान कर बाहर निकाला और क्षेत्र को स्वच्छ बनाया।
समिति के सदस्यों ने वहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, तालाबों और नदियों को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। बैनर, स्लोगन, कविताओं और नारों के माध्यम से स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण और नशामुक्ति का संदेश दिया गया।
अभियान के दौरान “जल है तो बल है”, “जल ही जीवन धारा है, जिसने हमें संवारा है”, “जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ”, “पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ” तथा “नशे का होना आदी, घर-परिवार की है बर्बादी” जैसे प्रेरक नारों से लोगों को जागरूक किया गया।
संस्था के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने बताया कि समिति हर वर्ष गर्मी से पहले नदी और तालाबों की सफाई कर जनजागरूकता अभियान चलाती है। उन्होंने प्रशासन से तालाबों में पूजन सामग्री विसर्जन हेतु अलग कुंड निर्माण कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे जल स्रोतों की स्वच्छता बनी रहेगी और गंदगी व दुर्गंध की समस्या कम होगी।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कम से कम पूजन सामग्री एवं प्लास्टिक का उपयोग करें तथा स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति जैसे जनहितकारी अभियानों में सहभागी बनें।
अभियान में सुरेन्द्र साहू, थनेश्वरी हरदेल, राजेंद्र कुमार साहू, टीनल हरदेल, नरेंद्र देशमुख, चितरंजन दुर्गा देशमुख, कार्तिक राम चंद्राकर, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, भागीरथी सिन्हा, दाऊलाल बघेल, श्वेता जैन, निकिता जयेश शिंगणे, रेमन कुंभकार, मनीष सारथी, देवराज पटेल, गौरव मानिकपुरी, शेखर साहू एवं प्रभात जायसवाल सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सहभागिता निभाई




