मातृभक्ति और आस्था से सराबोर हुआ रेंघई, माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत
निर्जला व्रत रखकर सगरी की पूजा-अर्चना, संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

मातृभक्ति और आस्था से सराबोर हुआ रेंघई, माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत
निर्जला व्रत रखकर सगरी की पूजा-अर्चना, संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना
डौंडीलोहारा। विकासखंड डौंडीलोहारा के ग्राम रेंघई में माताओं ने पारंपरिक हलषष्ठी (कमरछठ) व्रत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया। माताओं ने अपने पुत्र-पुत्रियों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखमय जीवन की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर झंडा चौक में सगरी का निर्माण कर मिट्टी के खिलौने, लाई, महुआ, चना एवं नारियल सहित पूजन सामग्री अर्पित की गई। माताओं ने संतान के स्वास्थ्य एवं लंबी आयु के साथ अपने परिवार तथा पूरे ग्राम की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की।
पूजा-अर्चना पुरोहित श्री मोहन वैष्णव द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराई गई। धार्मिक वातावरण में माताओं ने श्रद्धापूर्वक हलषष्ठी माता का पूजन कर अपने परिवार की खुशहाली की कामना की।
व्रत में श्रीमती बरखा वैष्णव, यश कुमारी, रितु साहू, हेमपुष्पा, रूपेश्वरी, विजयलक्ष्मी पटेल, जया पटेल, शैलेंद्री खरे, महेश्वरी, ऐश्वर्या, खिलेश्वरी गांवरें, केमीन पिस्दा, तोलेश्वरी पिस्दा, फूलमती पिस्दा, कुसुम पिस्दा, वेणुलता अंधियारे, शकुन बाई अंधियारे, ममता माहला, माहेश्वरी माहला, निर्मला अश्वार्य, नीरा चंद्राकर, आरती चंद्राकर, लता चुरेंद्र, सरिता चुरेंद्र, मोंगरा चुरेंद्र, टिकेश्वरी पिस्दा, भूमिका इस्दा, दामिनी इस्दा, कन्या बाई भुआर्य, हेमीन भुआर्य, खेमिन अश्वार्य सहित बड़ी संख्या में माताएं शामिल हुईं।
आस्था के साथ जीवंत हुई गांव की परंपरा
हलषष्ठी व्रत के दौरान माताओं की सामूहिक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान से ग्राम रेंघई का वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक अपनी लोकपरंपराओं और संस्कारों को जीवंत रखने का संदेश भी दिया।




