जब जनदर्शन में फरियाद बनी उम्मीद, कलेक्टर ने उसी वक्त बदल दी तीन दिव्यांगों की राह
दिव्यांगजनों की जरूरत समझते ही कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने दिलाई ट्राईसिकल; किसी को मिला सहारा, तो किसी को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

जब जनदर्शन में फरियाद बनी उम्मीद, कलेक्टर ने उसी वक्त बदल दी तीन दिव्यांगों की राह
दिव्यांगजनों की जरूरत समझते ही कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने दिलाई ट्राईसिकल; किसी को मिला सहारा, तो किसी को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
बालोद, 31 अगस्त।
जनदर्शन में सोमवार को प्रशासन की संवेदनशीलता की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सरकारी योजनाओं के वास्तविक मायने को उजागर कर दिया। अपनी समस्या लेकर पहुंचे तीन दिव्यांगजनों की परेशानी को कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने गंभीरता से लिया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मौके पर ही ट्राईसिकल प्रदान कराई। ट्राईसिकल मिलते ही चेहरों पर खुशी और आंखों में आत्मविश्वास साफ नजर आया।
डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम मनकी सा निवासी टुमेश्वरी एवं ग्राम कोबा निवासी शशिकला को 80 प्रतिशत दिव्यांगता के आधार पर आधुनिक बैटरी चालित ट्राईसिकल तथा बालोद विकासखंड के ग्राम तमोरा निवासी राजेश कुमार को 50 प्रतिशत दिव्यांगता के आधार पर सामान्य ट्राईसिकल प्रदान की गई।
सिर्फ ट्राईसिकल नहीं, मिली अपनी राह खुद तय करने की आजादी
टुमेश्वरी स्व-सहायता समूह से जुड़कर काम कर रही हैं। पहले उन्हें बैंक और अन्य जरूरी कार्यों के लिए परिजनों के सहारे की जरूरत पड़ती थी। अब बैटरी चालित ट्राईसिकल उनके लिए सुविधा के साथ आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।
वहीं शशिकला गांव में किराने की दुकान चलाती हैं। दुकान आने-जाने और सामान लेने में होने वाली परेशानी अब काफी हद तक दूर होगी। ट्राईसिकल मिलने से उनके कारोबार और रोजमर्रा के कामों को नई गति मिलेगी।
खुशी ऐसी कि शब्द खुद-ब-खुद निकल पड़े—“धन्यवाद विष्णु भैया”
सहायता मिलने पर तीनों लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके चेहरे की खुशी और जुबां से निकला “धन्यवाद विष्णु भैया” जनदर्शन की सफलता की सबसे भावपूर्ण तस्वीर बन गया।
यह पहल बताती है कि सुशासन केवल योजनाओं और आदेशों का नाम नहीं, बल्कि जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंचाने वाली संवेदनशील व्यवस्था का नाम है। जनदर्शन में मिली इस त्वरित मदद ने तीन दिव्यांगजनों की राह आसान करने के साथ उन्हें सम्मान, स्वावलंबन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का नया हौसला दिया।




