जब कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का जन्मदिन बना नन्हे चेहरों की खुशियों का दिन
नंगूटोला के बच्चों के बीच पहुंचीं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जमीन पर बैठकर किया न्योता भोज; खुद परोसा खाना, बांटे स्कूल बैग-जूते और टॉफियां

जब कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का जन्मदिन बना नन्हे चेहरों की खुशियों का दिन
नंगूटोला के बच्चों के बीच पहुंचीं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जमीन पर बैठकर किया न्योता भोज; खुद परोसा खाना, बांटे स्कूल बैग-जूते और टॉफियां
बालोद | 02 सितंबर 2026जन्मदिन की खुशियां जब समाज के साथ बांटी जाएं, तो वह दिन यादगार बन जाता है। बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अपने जन्मदिन पर कुछ ऐसा ही कर दिखाया। उन्होंने शहर से दूर वनांचल के आदिवासी बहुल ग्राम नंगूटोला को अपने जन्मदिन का गवाह बनाया और वहां के नन्हे स्कूली बच्चों के साथ दिनभर खुशियां साझा कीं।
शासकीय प्राथमिक शाला नंगूटोला में पहुंचीं कलेक्टर ने बच्चों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारी-कर्मचारियों के साथ न्योता भोज किया। खास बात यह रही कि उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया और स्वयं प्लेट लगाकर बच्चों को खाना परोसा। कलेक्टर की यह सहजता और आत्मीयता देखकर बच्चे ही नहीं, ग्रामीण भी भावुक और अभिभूत नजर आए।
केक काटा, खुशियां बांटी और बच्चों को दिए सपनों को पंख
जन्मदिन के मौके पर कलेक्टर ने बच्चों के साथ केक काटा। इसके बाद विद्यार्थियों को स्कूल बैग, जूते और टॉफियां भेंट कीं। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान पूरे आयोजन की सबसे खूबसूरत तस्वीर बन गई।
कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत करते हुए पढ़ाई को जीवन की सफलता की पहली सीढ़ी बताते हुए पूरे मनोयोग, निष्ठा और ईमानदारी से पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मेहनत और लगन से पढ़ाई कर अपने माता-पिता, परिवार और विद्यालय का नाम रोशन करें।
प्रशासनिक पद से आगे दिखी संवेदनशीलता
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का यह जन्मदिन समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच आत्मीय रिश्ते की तस्वीर बन गया। वनांचल के बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ भोजन करना और उन्हें अपनेपन का अहसास कराना कलेक्टर की संवेदनशील कार्यशैली को भी उजागर करता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो, जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे सहित जिला स्तरीय अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
बच्चों के बीच सादगी से मनाया गया यह जन्मदिन नंगूटोला के लिए सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि लंबे समय तक याद रहने वाली आत्मीय स्मृति बन गया।




