स्वास्थ्य व्यवस्था पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन! लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश, अब हर मरीज तक पहुंचेगी बेहतर सुविधा
डौण्डीलोहारा में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की मैराथन समीक्षा, कुपोषण, टीकाकरण, अस्पतालों की हालत और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर सख्त फैसले

स्वास्थ्य व्यवस्था पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन! लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश, अब हर मरीज तक पहुंचेगी बेहतर सुविधा
डौण्डीलोहारा में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की मैराथन समीक्षा, कुपोषण, टीकाकरण, अस्पतालों की हालत और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर सख्त फैसले
बालोद, 16 जुलाई 2026। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने गुरुवार को डौण्डीलोहारा में दिए सख्त निर्देश ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा कि हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कई उप स्वास्थ्य केंद्रों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी होगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में टीबी मुक्त अभियान, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, कुष्ठ रोग नियंत्रण, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण, बीपी-शुगर जांच और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी सभी बालिकाओं का शत-प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तथा पालकों को जागरूक करने के लिए शिक्षक-पालक समितियों की बैठकों का भी उपयोग किया जाए।
कलेक्टर ने अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं पर भी विशेष जोर देते हुए जर्जर अस्पताल और आंगनबाड़ी भवनों के स्थान पर नए भवनों के प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए। साथ ही बिना उचित कारण मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर करने पर भी सख्त चेतावनी दी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए ठोस रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है, इसलिए गर्भवती माताओं और कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। मिशन गोद अभियान, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना और सुकन्या समृद्धि योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला प्रशासन के वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने अधिक से अधिक पौधरोपण करने और लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने अस्पताल परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश: “स्वास्थ्य विभाग का काम सीधे लोगों के जीवन से जुड़ा है। इसलिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि जिले का हर नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पा सके।”




