181वें सप्ताह में भी नहीं थमा स्वच्छ धरा का अभियान
पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और गाजर घास उन्मूलन के जरिए छत्तीसगढ़ में जनजागरण—नवनीत हरदेल के नेतृत्व में कई स्थानों पर चला अभियान

181वें सप्ताह में भी नहीं थमा स्वच्छ धरा का अभियान
पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और गाजर घास उन्मूलन के जरिए छत्तीसगढ़ में जनजागरण—नवनीत हरदेल के नेतृत्व में कई स्थानों पर चला अभियान
बालोद/दुर्ग। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ समाज के संकल्प को धरातल पर उतारने में जुटी स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ ने अपने लगातार 181वें जागरूकता सप्ताह में भी अभियान की रफ्तार कायम रखी। संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में समिति की टीम ने रायपुर, भिलाई, दुर्ग और बालोद सहित विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
🌱 जहां गंदगी दिखी, वहां सफाई; जहां बंजर जमीन मिली, वहां हरियाली का संकल्प
अभियान के तहत महादेव घाट रायपुर, शिव हनुमान मंदिर सेक्टर-7 भिलाई, कपिश्वर धाम, शिव दुर्गा मंदिर भिलाई, शिव पार्वती धाम बालोद, शिव मंदिर महाकाल सुरेगांव तथा ग्राम अंजोरा दुर्ग में स्वच्छता अभियान चलाया गया। टीम ने सार्वजनिक स्थलों से प्लास्टिक, पानी पाउच, बोतल, गुटखा पाउच, रैपर, डिस्पोजल, दोना-पत्तल और अन्य कचरा एकत्र कर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया।
इसके साथ ही पूर्व में लगाए गए पौधों के आसपास निंदाई-गुड़ाई और देखभाल की गई, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।
🌿 गाजर घास को जड़ से उखाड़कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
गाजर घास उन्मूलन अभियान के अंतर्गत टीम ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया। समिति का कहना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और आसपास के वातावरण को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।
💧 नदी-तालाबों को कचरे से बचाने लगातार पांच वर्षों से जागरूकता
समिति पिछले पांच वर्षों से नदी, तालाब, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है। अभियान के दौरान स्लोगन, बैनर और नारों के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य कचरा नदी-तालाबों में न डालें।
“जल है तो बल है”, “जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ”, “पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ” जैसे नारों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
🗣️ नवनीत हरदेल बोले—स्वच्छता अभियान नहीं, समाज में बदलाव की मुहिम
संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति का उद्देश्य केवल एक दिन सफाई करना नहीं, बल्कि समाज में ऐसी सोच विकसित करना है कि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास की स्वच्छता और पर्यावरण की जिम्मेदारी स्वयं समझे। समिति गर्मी से पहले जल संरक्षण, बरसात में पौधारोपण और गाजर घास उन्मूलन के माध्यम से लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है।
उन्होंने प्रत्येक तालाब में कुंड निर्माण कराने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि तालाबों की सफाई के बाद जलभराव की उचित व्यवस्था होने से पानी को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने पौधारोपण के लिए निर्धारित स्थान और मजबूत ट्री गार्ड का उपयोग करने की भी अपील की।
⚠️ महमरा एनीकट में जमा कचरा तत्काल उठाने निगम से अपील
नवनीत हरदेल ने दुर्ग निगम प्रशासन से शिवनाथ नदी मुक्ति धाम महमरा एनीकट, वार्ड क्रमांक 35 में घाट के आसपास जमा कचरे को तत्काल उठाकर निर्धारित स्थान पर डंप कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि नदी-तालाबों की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
🌿 “हम सफाई कर्मचारी नहीं, बदलाव के स्वयंसेवक हैं”—थनेश्वरी हरदेल
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि समिति के सदस्य सफाई कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वयं कचरा उठाकर, पौधे लगाकर और गाजर घास हटाकर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की।
👥 इनकी रही सक्रिय सहभागिता
अभियान में नवनीत कुमार हरदेल, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र साहू, श्रीमती थनेश्वरी हरदेल, टीनल हरदेल, सूर्या हरदेल, सरोज टहनगुरिया, श्वेता जैन, निकिता जयेश शिंगणे, भानु शंकर बेलचंदन, कार्तिक राम चंद्राकर, भानु सिंह साहू, चंद्रवती देवी, लक्ष्मण सिंह, रमेश चौधरी, सीमा चौधरी, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, भागीरथी सिन्हा, दाऊ लाल बघेल, दुर्योधन साहू, राजेश कुमार, विमल टहनगुरिया, शंकर गोटे, विकास गोटे, निर्मला गोटे सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
🌏 संदेश साफ—“जितने काटोगे पेड़, उससे अधिक हम लगाएंगे”
स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति का 181वां सप्ताह सिर्फ सफाई अभियान नहीं, बल्कि स्वच्छता, हरियाली और जल संरक्षण के लिए समाज को जागरूक करने की निरंतर मुहिम का प्रतीक बना। समिति ने लोगों से आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और हरा-भरा पर्यावरण सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
“स्वच्छ धरा पर चल, होगा हर समस्या हल।”




