अकीदत और मोहब्बत से रोशन हुआ दल्लीराजहरा, शान से निकला जुलूसे मोहम्मदी
जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर गूंजा नात-ओ-सना का पैगाम, उलमा ने बताई सीरत-ए-मुस्तफा ﷺ की अहमियत; महिलाओं के लिए पहली बार हुआ विशेष दीनी आयोजन

अकीदत और मोहब्बत से रोशन हुआ दल्लीराजहरा, शान से निकला जुलूसे मोहम्मदी
जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर गूंजा नात-ओ-सना का पैगाम, उलमा ने बताई सीरत-ए-मुस्तफा ﷺ की अहमियत; महिलाओं के लिए पहली बार हुआ विशेष दीनी आयोजन
दल्लीराजहरा। रहमतुल्लिल आलमीन हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की यौमे पैदाइश के मुबारक मौके पर दल्लीराजहरा में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन पूरी अकीदत, मोहब्बत और एहतराम के साथ किया गया। जामा मस्जिद कमेटी एवं सुन्नी मुस्लिम आम जमात की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कुरआन ख्वानी, दुरूद-ओ-सलाम, नातिया कलाम, उलमा की तकरीर, जुलूसे मोहम्मदी और आम लंगर ने आयोजन को खास बना दिया।
परचम कुशाई से आगाज, नात-ओ-सना से गूंजा माहौल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी की शुरुआत परचम कुशाई की रस्म से हुई। जामा मस्जिद में कुरआन ख्वानी एवं दुरूद ख्वानी का आयोजन किया गया। हजरत नौमान मियां की नूरानी तकरीर ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। महिलाओं के लिए पर्दे की विशेष व्यवस्था की गई।
इसके बाद जामा मस्जिद से जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। बड़ी संख्या में आशिकाने रसूल ने इसमें शिरकत की। नात-ओ-सना और नारों से वातावरण गूंज उठा तथा लोगों ने अमन, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया।
उलमा का संदेश—सीरत को जीवन में उतारना ही असली मकसद
24 अगस्त की रात बाद नमाज-ए-ईशा उलमा-ए-किराम की विशेष तकरीर हुई। बरेली शरीफ से आए हजरत अल्लामा मौलाना अल्हाज अश्शाह नोमान रजा खान साहब किबला सहित अन्य उलमा ने सीरत-ए-मुस्तफा ﷺ पर रोशनी डाली।
उलमा ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनकर दुनिया में तशरीफ लाए। उन्होंने इंसान को इज्जत, बराबरी, इंसाफ, रहमदिली, सच्चाई और नेक अमल का रास्ता दिखाया। ईद मिलादुन्नबी का वास्तविक संदेश केवल खुशी मनाना नहीं, बल्कि पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ की सीरत और शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारना है।
दल्लीराजहरा में पहली बार महिलाओं के लिए विशेष दीनी कार्यक्रम
25 अगस्त को ओपन एयर थिएटर में महिलाओं के लिए विशेष दीनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आलिमा कायनात परवीन, आलिमा जीनत परवीन एवं कुलयतुल बिन्तुल कादरिया ने सीरत-ए-पाक और इस्लामी तालीमात पर तकरीर की। नातिया प्रतियोगिता और इस्लामिक क्विज कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
बेटियों के सम्मान का दिया संदेश
पूर्व जामा मस्जिद अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बेटियों की परवरिश और सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि इस्लाम ने बेटियों को सम्मान और अधिकार का महत्वपूर्ण दर्जा दिया है। उन्होंने समाज में बेटियों की अच्छी परवरिश एवं सम्मान को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
मदरसा दारुल उलूम में भी हुआ विशेष आयोजन
मदरसा दारुल उलूम इमाम-ए-आजम में सुबह परचम कुशाई के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। सलातो-सलाम के बाद मौलाना गुलाम शिमनानी ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की सीरत पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
आम लंगर में उमड़ा जनसैलाब, समाजजनों ने निभाई सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान आम लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन की सफलता में जामा मस्जिद कमेटी, समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं जमातियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लूनिया, नगरपालिका अध्यक्ष तोरणलाल साहू, मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू, पार्षद विशाल मोटवानी सहित जामा मस्जिद सदर शेख नैय्यूम खान, पूर्व सदर मुश्ताक अहमद, सचिव जुबैर अहमद तथा समाज के अनेक प्रमुखजन और सैकड़ों की संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
जामा मस्जिद सदर शेख नैय्यूम खान ने आयोजन की सफलता पर सभी सहयोगियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया।




