जब बच्चों के बीच पहुंचीं कलेक्टर… तो खिल उठे नन्हे चेहरे, स्नेह से भर गया आंगनबाड़ी का आंगन
पथराटोला में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का दिखा संवेदनशील अंदाज—बच्चों को दुलार, पोषण की चिंता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर पैनी नजर

जब बच्चों के बीच पहुंचीं कलेक्टर… तो खिल उठे नन्हे चेहरे, स्नेह से भर गया आंगनबाड़ी का आंगन
पथराटोला में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का दिखा संवेदनशील अंदाज—बच्चों को दुलार, पोषण की चिंता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर पैनी नजर
बालोद, 30 जुलाई 2026।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का संवेदनशील और आत्मीय अंदाज उस समय देखने को मिला, जब वे ग्राम पथराटोला के आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचीं। कलेक्टर को अपने बीच पाकर नन्हे-मुन्ने बच्चों के चेहरे खिल उठे। कलेक्टर ने भी बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें स्नेह और दुलार दिया, उनका हाल जाना और उनके साथ आत्मीयता से बातचीत की।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बच्चों को केवल देखा ही नहीं, बल्कि उनके पोषण, पढ़ाई और नियमित उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को केला एवं खाद्य पदार्थ वितरित कर उनके साथ स्नेहिल पल साझा किए। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार से आंगनबाड़ी केन्द्र का माहौल भी खुशनुमा हो गया और बच्चे उत्साह से भर उठे।
बच्चों की मुस्कान में दिखी कलेक्टर की संवेदनशीलता
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बच्चों को दिए जाने वाले भोजन एवं नाश्ते की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि नन्हे बच्चों के पोषण से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन और नाश्ता मिले तथा आंगनबाड़ी केन्द्र की व्यवस्थाएं बेहतर बनी रहें, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रसोई कक्ष सहित केन्द्र की अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
जहां बच्चे, वहां कलेक्टर की नजर; जहां मरीज, वहां व्यवस्था की चिंता
आंगनबाड़ी केन्द्र के बाद कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने समीप स्थित उपस्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाले मरीजों की संख्या, उपचार व्यवस्था और दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार मिले और आवश्यक दवाइयां समय पर उपलब्ध हों।
प्रशासनिक निरीक्षण से आगे बढ़कर जनसेवा का मानवीय चेहरा
पथराटोला का यह दौरा सिर्फ निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एक ओर जहां व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर बच्चों के बीच पहुंचकर यह संदेश भी दिया कि सरकार की योजनाओं का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति और नन्हे बच्चों तक संवेदनशीलता के साथ पहुंचे।
कलेक्टर का बच्चों के प्रति स्नेह, उनके पोषण की चिंता और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सजगता उनके संवेदनशील प्रशासनिक नेतृत्व की तस्वीर पेश करती नजर आई।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।




