
175वें सप्ताह भी नहीं थमा ‘स्वच्छ धरा’ का संकल्प: पौधारोपण, स्वच्छता और जल संरक्षण अभियान से कई शहरों में जागी पर्यावरण चेतना
शिवनाथ नदी घाट से लेकर मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों तक चला सफाई अभियान, गाजर घास उन्मूलन, पौधारोपण और नशामुक्ति का संदेश; निगम प्रशासन से कचरा प्रबंधन की अपील
दुर्ग/बालोद। स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के अपने सतत अभियान को आगे बढ़ाते हुए लगातार 175वें सप्ताह व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान शिवनाथ नदी घाट, मुक्तिधाम गार्डन, हुडको भिलाई, सेक्टर-4, शिव पार्वती धाम बालोद, महाकाल शिव मंदिर सुरेगांव, शिव दुर्गा मंदिर भिलाई, कपिश्वर धाम तथा ग्राम अंजोरा सहित कई स्थानों पर सफाई, पौधारोपण, जल संरक्षण और गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने नदी घाट, मंदिर परिसरों और सार्वजनिक स्थलों से प्लास्टिक, पानी की बोतलें, पाउच, दोना-पत्तल, पूजा सामग्री, शराब की बोतलें सहित बड़ी मात्रा में कचरा एकत्र कर निर्धारित स्थान पर डंप किया। साथ ही गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की निंदाई-गुड़ाई कर उनकी देखभाल भी की गई। सेक्टर-4 में छायादार, फलदार और फूलदार पौधों का पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया।
समिति के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से समिति लगातार स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण और नशामुक्ति के लिए जनजागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा नदी में फेंकी जाने वाली पूजा सामग्री और अन्य कचरे से प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए सभी से अपील है कि कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि शिवनाथ नदी घाट से निकाले गए कचरे को समय पर नहीं उठाने से वह दोबारा नदी में बहकर चला जाता है। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को अवगत कराने के बाद कचरे का उठाव कराया गया। साथ ही निगम से नियमित रूप से कचरा उठाने और तालाबों में कुंड निर्माण की व्यवस्था करने की मांग भी की गई।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्या थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति केवल सफाई अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन जैसे विषयों पर जनभागीदारी बढ़ाने का भी कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
अभियान के दौरान “जल है तो कल है”, “जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ”, “पौधे लगाओ, जीवन बचाओ” तथा “स्वच्छ धरा पर चल, होगा हर समस्या हल” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर नवनीत कुमार हरदेल, थनेश्वरी हरदेल, टीनल हरदेल, नरेंद्र देशमुख, महेंद्र यादव, चितरंजन दुर्गा देशमुख, कार्तिक राम चंद्राकर, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, भागीरथी सिन्हा, गौरव यादव, नीलम यादव, चैतराम यादव, वामन कुमार यादव सहित अनेक स्वयंसेवक एवं नागरिक उपस्थित रहे।




