ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात: अब 100 नहीं, 125 दिनों का मिलेगा गारंटीशुदा रोजगार, बालोद में वीबी-जी राम जी मिशन का शुभारंभ
मजदूरी बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन, 7 दिनों में भुगतान और 15 दिनों के भीतर रोजगार देने का प्रावधान; जिला स्तरीय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे मौजूद

ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात: अब 100 नहीं, 125 दिनों का मिलेगा गारंटीशुदा रोजगार, बालोद में वीबी-जी राम जी मिशन का शुभारंभ
मजदूरी बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन, 7 दिनों में भुगतान और 15 दिनों के भीतर रोजगार देने का प्रावधान; जिला स्तरीय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे मौजूद
बालोद, 02 जुलाई 2026। ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष, बालोद में किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने वर्चुअल माध्यम से मिशन का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन लाल साहू, एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वीबी-जी राम जी मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास को नई गति देने वाला ऐतिहासिक कदम है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का मांग आधारित गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ में श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि योजना के तहत मजदूरी का भुगतान 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा तथा रोजगार की मांग मिलने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि मिशन के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन और कौशल विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों के कृषि अवकाश का प्रावधान भी लागू रहेगा।
ग्रामीण विकास की दिशा में इस नई पहल से रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




