ठेका श्रमिकों की हुंकार से गूंजा दल्ली राजहरा माइंस क्षेत्र, रोजगार, सुरक्षा और वेतन की मांग को लेकर माइंस कार्यालय का घेराव
जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में सैकड़ों श्रमिकों का प्रदर्शन, बाइक रैली निकालकर सौंपा मांगपत्र; प्रबंधन ने मांगों पर विचार के लिए मांगा समय

ठेका श्रमिकों की हुंकार से गूंजा दल्ली राजहरा माइंस क्षेत्र, रोजगार, सुरक्षा और वेतन की मांग को लेकर माइंस कार्यालय का घेराव
जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में सैकड़ों श्रमिकों का प्रदर्शन, बाइक रैली निकालकर सौंपा मांगपत्र; प्रबंधन ने मांगों पर विचार के लिए मांगा समय
दल्ली राजहरा। दल्ली राजहरा माइंस क्षेत्र में मंगलवार दोपहर ठेका श्रमिकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों ने माइंस कार्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पहले सुबह लगभग 10 बजे जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के कृषि कार्यालय, दल्ली राजहरा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ठेका श्रमिक एकत्र हुए। इसके बाद सभी कार्यकर्ता बाइक रैली के माध्यम से लगभग 11:30 बजे माइंस ऑफिस चौक पहुंचे और मुख्य द्वार के सामने धरना शुरू कर दिया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान माइंस ऑफिस चौक श्रमिकों की आवाज़ से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने “जन मुक्ति मोर्चा जिंदाबाद”, “जगन्नाथ प्लांट में केंद्रीय वेतनमान लागू करो”, “डीएवी स्कूल में ठेका श्रमिकों के बच्चों को रियायत दो”, “समान काम का समान वेतन लागू करो”, “सभी ठेका श्रमिकों को ₹180 नाइट अलाउंस दो”, “₹150 माइंस अलाउंस लागू करो”, “ओपीडी के साथ आईपीडी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराओ”, “प्लांट और माइंस में सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करो”, “माइंस में बंद पड़े कार्य तत्काल शुरू करो” तथा “ठेका समाप्त होने से पहले निविदा प्रक्रिया पूरी कर श्रमिकों को नियमित रोजगार दो” जैसे नारों के साथ अपनी मांगों को बुलंद किया।
प्रदर्शन कई घंटों तक चलता रहा। इसके बाद माइंस प्रबंधन की ओर से सक्षम अधिकारियों ने जन मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए माइंस कार्यालय में आमंत्रित किया। प्रतिनिधिमंडल में कॉमरेड बसंत रावटे, सरकार दादा, मूलचंद चंदेल, महेंद्र गंजिर एवं ईश्वर निर्मलकर शामिल थे। प्रतिनिधियों ने सहायक प्रबंधन शैलेश पटनायक के समक्ष विस्तृत मांगपत्र प्रस्तुत करते हुए ठेका श्रमिकों की समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मौखिक चर्चा भी की गई। अधिकारियों ने मांगों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कुछ दिनों का समय मांगा।
मांगपत्र में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं—
दल्ली माइंस के हितकसा डेम का कार्य समाप्त होने की स्थिति में वहां कार्यरत श्रमिकों को 23 नवंबर 2022 को हुए समझौते के अनुरूप 12 माह रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
आईओसी राजहरा के सभी विभागों की कैंटीनों का ठेका शीघ्र जारी कर कार्य प्रारंभ कराया जाए।
बीएसबी प्लांट की निविदा तत्काल जारी की जाए।
केसीएस (कुमार कार्गो) के बंद पड़े क्रेशर प्लांट को शीघ्र चालू किया जाए।
केसीएस के बंद पड़े ओवरबर्डन कार्य को तत्काल प्रारंभ कराया जाए।
आईओसी राजहरा के बीईएमएल मार्क का कार्य समाप्त होने से पहले, 15 सितंबर 2026 तक नई निविदा जारी की जाए।
जन मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि ठेका श्रमिक उत्पादन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए उन्हें नियमित रोजगार, सुरक्षित कार्यस्थल, उचित वेतन, चिकित्सा सुविधा तथा श्रम कानूनों के अनुरूप सभी सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। संगठन ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों का समयबद्ध समाधान होने से न केवल श्रमिक परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि उत्पादन व्यवस्था भी प्रभावित होने से बचेगी।
धरना-प्रदर्शन में जीत गुहा नियोगी, शत्रुधन साहू, महेंद्र कुमार साहू, चंद्रशेखर यादव, महेश कोला, दयालु भंडारी, ग्रिजेश नायक सहित जन मुक्ति मोर्चा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सैकड़ों ठेका श्रमिक उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के समापन पर संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रबंधन मांगपत्र में शामिल सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेगा। साथ ही यह भी कहा कि यदि लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान समयबद्ध ढंग से नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा।




