176वें सप्ताह भी नहीं थमा स्वच्छ धरा का संकल्प, पौधारोपण से लेकर नशामुक्ति तक चला जनजागरण अभियान
शिवनाथ नदी घाट, मंदिरों, गार्डनों और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई, गाजर घास उन्मूलन, जल संरक्षण व पर्यावरण बचाने का संदेश; सैकड़ों लोगों को स्वच्छता के लिए किया प्रेरित

176वें सप्ताह भी नहीं थमा स्वच्छ धरा का संकल्प, पौधारोपण से लेकर नशामुक्ति तक चला जनजागरण अभियान
शिवनाथ नदी घाट, मंदिरों, गार्डनों और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई, गाजर घास उन्मूलन, जल संरक्षण व पर्यावरण बचाने का संदेश; सैकड़ों लोगों को स्वच्छता के लिए किया प्रेरित
बालोद/दुर्ग। स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ ने अपने लगातार 176वें साप्ताहिक जनजागरण अभियान के तहत पौधारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन जैसे सामाजिक सरोकारों को लेकर व्यापक अभियान चलाया। संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में समिति के सदस्यों ने शिवनाथ नदी घाट, विभिन्न मंदिर परिसरों, गार्डनों और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमदान कर सफाई की तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अभियान के दौरान शिवनाथ नदी घाट मुक्ति धाम गार्डन, हुडको हैप्पी गार्डन, रिसाली दशहरा मैदान, शिव पार्वती धाम बालोद, महाकाल मंदिर सुरेगांव, कपिश्वर धाम भिलाई सहित कई स्थानों से प्लास्टिक, शराब की बोतलें, गुटखा पाउच, पूजा सामग्री एवं अन्य कचरा एकत्र कर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया। साथ ही गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया गया और पूर्व में लगाए गए पौधों की देखभाल भी की गई।
समिति ने सार्वजनिक स्थलों पर शराबखोरी और गंदगी फैलाने से बचने की अपील करते हुए लोगों को “जल है तो कल है”, “जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ” जैसे नारों के माध्यम से जागरूक किया। अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में छायादार, फलदार और फूलदार पौधों का भी रोपण किया गया।
संस्थापक नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि समिति पिछले पांच वर्षों से लगातार समाज को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने नगर निगम से शिवनाथ नदी घाट से निकाले गए कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित करने तथा तालाबों में पूजन सामग्री के लिए अलग कुंड निर्माण कराने की मांग भी की।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्या श्रीमती थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर जनभागीदारी बढ़ाना है।
इस अभियान में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर “हरा-भरा, स्वच्छ धरा” के संकल्प को साकार करने का संदेश दिया।




