नगरपालिका गौठान में गौ माता की मौतों का सिलसिला, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
भूख-प्यास से बेहाल सैकड़ों गौवंश, मृत गौ माता के शव को कुत्तों ने नोचा—जनसंवाद की पड़ताल में सामने आईं भयावह तस्वीरें

नगरपालिका गौठान में गौ माता की मौतों का सिलसिला, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
भूख-प्यास से बेहाल सैकड़ों गौवंश, मृत गौ माता के शव को कुत्तों ने नोचा—जनसंवाद की पड़ताल में सामने आईं भयावह तस्वीरें
बालोद। डेम क्षेत्र स्थित नगर पालिका गौठान में गौवंशों की बदहाल स्थिति को लेकर जनसंवाद की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पड़ताल के दौरान गौठान में सैकड़ों की संख्या में गौवंश नजर आए, लेकिन उनकी देखरेख, चारा-पानी और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई।
मौके पर हालात ऐसे दिखाई दिए कि गौ माता के लिए पर्याप्त दाना-पानी तक की व्यवस्था नजर नहीं आई। भूख-प्यास और अव्यवस्था के बीच गौवंशों की हालत लगातार खराब होती दिखाई दे रही है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह रही कि गौठान परिसर के पास एक गौ माता का शव करीब तीन दिनों तक पड़ा रहा, लेकिन उसे हटाने अथवा विधिवत दफनाने की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नजर नहीं आया।
शिकायत के बाद जागा प्रशासन, लेकिन शव के निपटारे पर भी सवाल
जनसंवाद की टीम द्वारा मामले की जानकारी प्रशासन एवं नगरपालिका को दी गई। शिकायत के बाद जिम्मेदारों की ओर से कार्रवाई तो हुई, लेकिन आरोप है कि मृत गौ माता को विधिवत दफनाने के बजाय उसके शव पर मिट्टी डालकर मामला दबाने का प्रयास किया गया। जनसंवाद के संपादक द्वारा इस मामले को दोबारा उठाए जाने के बाद गौठान की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए।
एक दिन पहले बछड़े के साथ दिखी गौ माता, अगले दिन मिली मृत
जनसंवाद की टीम ने जब दोबारा गौठान पहुंचकर स्थिति की पड़ताल की तो सामने आया कि एक दिन पहले जिस गौ माता को अपने बछड़े के साथ बेहद दयनीय हालत में देखा गया था, उसकी भी मौत हो चुकी थी।
इससे भी अधिक भयावह दृश्य तब सामने आया जब मृत गौ माता के शरीर को कुत्ते नोचकर खा रहे थे। यह दृश्य न केवल गौठान की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि इंसानियत को भी झकझोर देने वाला है।
सवाल सिर्फ गौ माता की मौत का नहीं, जिम्मेदारी का है
गौठान में यदि सैकड़ों गौवंश रखे गए हैं तो उनकी नियमित देखरेख कौन कर रहा है? चारा-पानी की व्यवस्था कौन सुनिश्चित कर रहा है? बीमार और घायल गौवंशों के उपचार की व्यवस्था क्या है? और किसी गौ माता की मौत होने पर उसके शव का सम्मानपूर्वक अंतिम निस्तारण कौन करेगा?
इन सवालों का जवाब जिम्मेदार अधिकारियों और नगरपालिका प्रशासन को देना होगा।
जनसंवाद की पड़ताल में सामने आया यह दृश्य व्यवस्था की उस तस्वीर को सामने लाता है, जहां संरक्षण के नाम पर गौवंशों को गौठान में रखा तो गया, लेकिन उनकी बुनियादी जरूरतों और सुरक्षा की जिम्मेदारी कितनी गंभीरता से निभाई जा रही है, इस पर अब सवाल उठना स्वाभाविक है।
गौ माता के शव को कुत्तों द्वारा नोचे जाने की तस्वीरें किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को विचलित कर सकती हैं। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी और गौठान संरक्षण केंद्र के बजाय गौवंशों की दुर्दशा का केंद्र बनकर रह जाएगा।
जनसंवाद की टीम की पड़ताल के बाद अब देखना यह है कि नगरपालिका और प्रशासन इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करते हैं या फिर कुछ दिनों बाद मामला एक बार फिर फाइलों में दबकर रह जाता है।




