भाजपा पदाधिकारी पर कानून का शिकंजा: मोहल्लेवासियों की शिकायत के बाद अनिकेत देशलहरे न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए
वार्डवासियों ने लगाया दहशत, दबाव और अभद्र व्यवहार का आरोप; न्यायालय के आदेश पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कहा— कानून से ऊपर कोई नहीं

भाजपा पदाधिकारी पर कानून का शिकंजा: मोहल्लेवासियों की शिकायत के बाद अनिकेत देशलहरे न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए
वार्डवासियों ने लगाया दहशत, दबाव और अभद्र व्यवहार का आरोप; न्यायालय के आदेश पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कहा— कानून से ऊपर कोई नहीं
दल्ली राजहरा। वार्ड क्रमांक 13 में लंबे समय से कथित रूप से दहशत और अशांति का माहौल बनने की शिकायतों के बाद राजहरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, बालोद जिला के सह सोशल मीडिया प्रभारी अनिकेत देशलहरे को माननीय न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, मोहल्ले के अनेक नागरिकों ने थाना प्रभारी राजहरा को सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपकर आरोप लगाया था कि आरोपी की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी अपने राजनीतिक पद का प्रभाव बताकर लोगों पर दबाव बनाता था। आवेदन में अवैध जमीन कब्जाने की कोशिश, महिलाओं से अभद्र व्यवहार एवं छेड़छाड़, लोगों से जबरन पैसों की मांग तथा क्षेत्र में दहशत फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। वार्डवासियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
इससे पहले 28 जून 2026 को भीम उईके एवं उनके परिवार के साथ मारपीट के मामले में थाना राजहरा में अपराध क्रमांक 141/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, प्रकरण दर्ज होने के बाद भी आरोपी द्वारा शिकायत वापस लेने के लिए कथित दबाव बनाया जा रहा था तथा क्षेत्र में लगातार भय का माहौल बनाए रखने की शिकायतें मिल रही थीं।
इन तथ्यों के आधार पर राजहरा पुलिस ने इस्तगाशा क्रमांक 47/143/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने, आम नागरिकों को भयभीत करने अथवा किसी भी प्रकार का दबाव बनाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि कानून की नजर में सभी समान हैं और किसी भी व्यक्ति का सामाजिक या राजनीतिक पद कानून से ऊपर नहीं है।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप शिकायतों और पुलिस कार्रवाई पर आधारित हैं। मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।




