Welcome to जनसंवाद न्यूज़   Click to listen highlighted text! Welcome to जनसंवाद न्यूज़
NEWSलोकल न्यूज़

बालोद में तेज रफ्तार वाहनों का कहर: तीन गौवंशों की मौत

एसपी निवास के आगे बजरंग बली मंदिर समेत अलग-अलग स्थानों पर मिले मृत गौवंश — नगरपालिका टीम व समाजसेवियों ने कराया विधिविधान से अंतिम संस्कार

बालोद में तेज रफ्तार वाहनों का कहर: तीन गौवंशों की मौत

एसपी निवास के आगे बजरंग बली मंदिर समेत अलग-अलग स्थानों पर मिले मृत गौवंश — नगरपालिका टीम व समाजसेवियों ने कराया विधिविधान से अंतिम संस्कार

बालोद। जिले में तेज रफ्तार कारों और ट्रकों का कहर लगातार देखने को मिल रहा है। सड़क पार कर रहे बेजुबान गौवंश तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं। इसी क्रम में एक गाय एसपी निवास से आगे बजरंग बली मंदिर के सामने, जबकि दो अन्य गायें पर्यावरण पार्क के पास एवं आगे अलग-अलग स्थानों पर मृत अवस्था में मिलीं।
घटना की जानकारी मिलने पर अजय यादव, मनीष राजपूत, दुर्योधन यादव, नागेश, पूर्णानंद भैया, वीरेंद्र भारती, आरक्षक संजय सोनी एवं नगरपालिका टीम मौके पर पहुंची। काऊ कैचर की सहायता से मृत गौवंशों को सड़क से हटाया गया और पूरे सम्मान के साथ विधिविधानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बालोद जिले में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में आने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने वाले पर्याप्त साइन बोर्ड नजर नहीं आ रहे हैं। इसके साथ ही तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रभावी अभियान चलाए जाने की भी आवश्यकता महसूस हो रही है।
गौवंशों की सुरक्षा के लिए जरूरी है ठोस पहल
सड़क पर विचरण करने वाले गौवंश अचानक सड़क पार करते हैं, ऐसे में तेज रफ्तार वाहन उनके लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि प्रमुख मार्गों पर स्पष्ट गति सीमा संकेतक, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं तथा यातायात विभाग द्वारा नियमित जागरूकता अभियान चलाया जाए।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच अब जरूरत है कि संबंधित विभाग गौवंश एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण हो और सड़क हादसों में बेजुबान जानवरों की जान जाने का सिलसिला थम सके।
सवाल सिर्फ तीन गौवंशों की मौत का नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी है—आखिर कब तय होगी वाहनों की गति सीमा और कब लगाए जाएंगे पर्याप्त चेतावनी संकेतक?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!