प्रशासन की लापरवाही या सुरक्षा में चूक? बाउंड्री वॉल के तार में फंसकर गौ माता की गई जान
कलेक्टर बंगले के सामने काष्ठागार डिपो के पीछे दर्दनाक हादसा, गौ रक्षा अभियान समूह ने बड़ी मशक्कत से निकाला शव; खतरनाक तारों को लेकर उठे सवाल

प्रशासन की लापरवाही या सुरक्षा में चूक? बाउंड्री वॉल के तार में फंसकर गौ माता की गई जान
कलेक्टर बंगले के सामने काष्ठागार डिपो के पीछे दर्दनाक हादसा, गौ रक्षा अभियान समूह ने बड़ी मशक्कत से निकाला शव; खतरनाक तारों को लेकर उठे सवाल
बालोद। कलेक्टर बंगले के सामने स्थित काष्ठागार बालोद डिपो की बाउंड्री वॉल के पीछे लगे वायब्रेटेड तार में फंसने से एक गौ माता की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गौ रक्षा अभियान समूह के सदस्य एवं स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक गौ माता दम तोड़ चुकी थी। इसके बाद घंटों की मशक्कत कर शव को तार से बाहर निकाला गया।
शव निकालने के कार्य में अजय यादव (प्रमुख, गौ रक्षा अभियान समूह बालोद, छत्तीसगढ़) के नेतृत्व में अनिकेश साहू, मोनू यादव, मानव श्री श्रीमाल, आशीष यादव, ओम अरोरा, इमरान, पूर्णानंद भैया, टोमन साहू तथा विजय सार्वा (जेसीबी) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं काष्ठागार डिपो के गांधी रात्रे, मनसुख लाल, अजीत सिंह यादव, त्रिभवन कुंजाम, पाल सिंह गौड़ एवं मोइनुद्दीन खान सहित अन्य साथियों ने भी इस कार्य में सक्रिय सहयोग दिया। सभी के संयुक्त प्रयास से गौ माता के शव को तार से बाहर निकाला गया।
इस घटना के बाद बाउंड्री वॉल के आसपास लगे खतरनाक तारों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे तार न केवल मवेशियों बल्कि आम लोगों के लिए भी खतरा बन सकते हैं। लोगों ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।



