डौण्डी की शिक्षा व्यवस्था पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का बड़ा एक्शन प्लान
परिणाम खराब तो जवाबदेही तय”—कमजोर स्कूलों पर कड़ी निगरानी, शिक्षकों की कमी तत्काल होगी दूर; संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति के निर्देश

डौण्डी की शिक्षा व्यवस्था पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का बड़ा एक्शन प्लान
“परिणाम खराब तो जवाबदेही तय”—कमजोर स्कूलों पर कड़ी निगरानी, शिक्षकों की कमी तत्काल होगी दूर; संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति के निर्देश
बालोद, 18 अगस्त 2026।
डौण्डी विकासखण्ड में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंगलवार को प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर स्कूलवार शिक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा और परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
🔥 कमजोर परिणाम पर कलेक्टर सख्त—तय होगी जिम्मेदारी
कलेक्टर ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं के पिछले दो वर्षों के परीक्षा परिणामों की स्कूलवार तुलना करते हुए शिक्षा सत्र 2025-26 के परिणामों की समीक्षा की। कुछ विद्यालयों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित प्राचार्यों एवं विषय शिक्षकों से परिणाम कमजोर रहने का कारण जाना।
उन्होंने खराब परीक्षा परिणाम वाले विषयों के शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम कमजोर रहने पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी।
👩🏫 शिक्षकों की कमी पर तत्काल समाधान—संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति
डौण्डी विकासखण्ड के शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों को लेकर कलेक्टर ने बड़ा निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे सभी स्कूलों में संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजे जाएं।
उन्होंने कहा कि डौण्डी डीएमएफ प्रभावित विकासखण्ड है, इसलिए जिला खनिज न्यास संस्थान के माध्यम से संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति की व्यवस्था की जा सकती है। इससे शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
🏫 स्कूल भवन से लेकर शेड तक—जरूरतों के प्रस्ताव तुरंत भेजें
कलेक्टर ने विद्यालयों में नवीन शाला भवन, भवन मरम्मत एवं शेड निर्माण की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के लिए वीबी-जी रामजी योजना के प्रावधानों का भी उपयोग करने को कहा।
🎯 बोर्ड ही नहीं, 9वीं-11वीं की पढ़ाई पर भी विशेष फोकस
कलेक्टर ने कहा कि केवल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक स्कूल में मेधावी विद्यार्थियों की पहचान कर उनके प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग एवं बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने को कहा गया।
🏆 अच्छे परिणाम वाले स्कूलों की रणनीति अपनाएंगे दूसरे विद्यालय
कलेक्टर ने उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों की केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी सफल कार्यप्रणाली को कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों में लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर स्कूल अपने स्तर पर परिणाम सुधार की स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर उसका नियमित मूल्यांकन करे।
🔍 कमजोर स्कूलों की होगी विशेष मॉनिटरिंग
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को नियमित रूप से स्कूलों का भ्रमण कर शिक्षा गुणवत्ता की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों को चिन्हित कर वहां विशेष मॉनिटरिंग और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्राचार्यों को नियमित कक्षा अवलोकन एवं शिक्षकों की बैठक आयोजित कर अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि पढ़ाई प्रभावी और रुचिकर होगी तो विद्यार्थियों की उपस्थिति भी बेहतर होगी।
🩺 छात्राओं का टीकाकरण, गंभीर बीमार विद्यार्थियों के इलाज पर भी जोर
कलेक्टर ने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी छात्राओं का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु अनिवार्य टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंभीर बीमारियों से पीड़ित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों के माध्यम से उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए विद्यालय स्तर पर प्रभावी जागरूकता एवं रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
🌱 शिक्षा विभाग के वृक्षारोपण अभियान की सराहना
जिले में चल रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान में शिक्षा विभाग की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
⚡ कलेक्टर का स्पष्ट संदेश
“शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है—कमजोर परिणाम के कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाएं और हर विद्यालय को उत्कृष्ट परिणाम की दिशा में आगे बढ़ाएं।”




