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अंधेरा दिलों में है और व्यक्ति मंदिरों में दीप जला रहा है, आत्मा को जागृत करना जरूरी” — श्री अक्षय मुनि जी मसा

परिवार में एक-दूसरे को समझें, परखें नहीं; फिजूलखर्ची के बजाय प्राणी मात्र की भूख मिटाने का लें संकल्प

अंधेरा दिलों में है और व्यक्ति मंदिरों में दीप जला रहा है, आत्मा को जागृत करना जरूरी” — श्री अक्षय मुनि जी मसा

परिवार में एक-दूसरे को समझें, परखें नहीं; फिजूलखर्ची के बजाय प्राणी मात्र की भूख मिटाने का लें संकल्प

बालोद। बालोद में चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला के दौरान शासन दीपक श्री अक्षय मुनि जी मसा ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति बाहरी अंधकार दूर करने के लिए मंदिरों में दीप जलाता है, लेकिन अपने हृदय के अंधकार को दूर करने के लिए आत्मजागरण करना जरूरी है। चित्त की विशुद्धि से ही आत्मज्ञान प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से कभी किस्मत नहीं बदल सकती, बल्कि अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाई जा सकती है।

मुनि श्री ने कहा कि मन की बीमारी आत्मा की सबसे गंभीर बीमारी है। व्यक्ति हमेशा समय से पहले और भाग्य से अधिक पाने की इच्छा रखता है। आवश्यकता से अधिक बुद्धिमान बनने का प्रयास मूर्खता की निशानी है। उन्होंने लोगों से जीवन में संयम, विवेक और प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर चलने की प्रेरणा दी।

उन्होंने दीपावली सहित अन्य अवसरों पर पटाखों और शौक पर हजारों रुपये खर्च करने के बजाय जरूरतमंदों और बेजुबान प्राणियों की भूख मिटाने पर ध्यान देने की अपील की। संसार के प्रत्येक प्राणी को भोजन की आवश्यकता है। सेवा और दान की भावना को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए तथा बच्चों को भी ऐसे संस्कार देने चाहिए।

परिवार में समझ जरूरी, परख नहीं

श्री अक्षय मुनि जी मसा ने कहा कि परिवार सभ्यता का केंद्र बिंदु है। परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे को परखने के बजाय समझने का प्रयास करना चाहिए। परिवार में घड़ी की तरह आपसी तालमेल और एकजुटता बनाए रखना जरूरी है। सेवा भावना, दान और अहिंसा जैसे गुणों को अपनाकर ही बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

तपस्या में श्रद्धालुओं ने लिया संकल्प

चातुर्मास के दौरान मुनि श्री की प्रेरणा से सरला राजेश चोपड़ा और डिंपी चोपड़ा ने 8-8 उपवास, मोक्ष चोपड़ा ने 7, इंदिरा बाफना ने 5 तथा चंचल श्रीश्रीमाल ने 4 उपवास की तपस्या का संकल्प ग्रहण किया। वहीं, चातुर्मास में संवर तप के अंतर्गत अब तक 2,159 श्रद्धालुओं द्वारा तपस्या पूर्ण किए जाने की जानकारी दी गई।

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