नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले पर उबला सेन समाज, बालोद में विशाल प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट का घेराव कर राज्यपाल, मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, दोषियों को कठोरतम सजा और स्कूल प्रबंधन की उच्च स्तरीय जांच की मांग

नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले पर उबला सेन समाज, बालोद में विशाल प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट का घेराव कर राज्यपाल, मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, दोषियों को कठोरतम सजा और स्कूल प्रबंधन की उच्च स्तरीय जांच की मांग
बालोद। बिलासपुर के एक निजी स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में सेन समाज का आक्रोश देखने को मिला। प्रदेशव्यापी विरोध अभियान के तहत सोमवार को सर्व सेन समाज जिला बालोद के नेतृत्व में सैकड़ों समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, त्वरित न्याय तथा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए जिले के अनेक सैलून एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। सेन समाज, महिला सेन समाज, सैलून संघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, युवा एवं महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान न्याय की मांग को लेकर जोरदार नारे लगाए गए और पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।
प्रदेशभर में एक साथ उठी न्याय की आवाज
जिला सेन समाज के मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने बताया कि यह आंदोलन केवल बालोद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई चाहता है। यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जिला अध्यक्ष बोले— “दोषियों को मिले फांसी, प्रबंधन की भी हो जांच”
जिला अध्यक्ष संतोष कौशिक ने कहा कि यह घटना केवल एक बच्ची के साथ हुआ अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा पर आघात है। उन्होंने मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए। साथ ही स्कूल प्रबंधन की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कर, यदि किसी प्रकार की लापरवाही या तथ्यों को छिपाने का प्रयास सामने आता है तो उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई करते हुए स्कूल की मान्यता रद्द की जाए।
महिला सेन समाज ने कहा— बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
महिला जिला अध्यक्ष ममता सेन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में भी यदि बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा कठोर संदेश दिया जाए जिससे भविष्य में कोई भी इस प्रकार का जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।
जिलेभर से उमड़ा जनसैलाब
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष संतोष कौशिक, रामकुमार श्रीवास, ममता सेन, छन्नू लाल सेन, सेतु राम शांडिल्य, राजेश्वर सेन, अशोक भारद्वाज, टुमन सेन, उमेश सेन, रवि सेन, कृष्ण कुमार सेन सहित बालोद, गुरुर, गुंडरदेही, अर्जुंदा, लोहारा, देवरी, दल्लीराजहरा और डौंडी ब्लॉक से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से सेन समाज ने स्पष्ट किया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों एवं जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। समाज ने पीड़िता को शीघ्र न्याय, दोषियों को कठोर दंड तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।




