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दल्ली राजहरा में शराब-सट्टे का ‘खुला खेल’! 6 दिन में कार्रवाई नहीं तो 27 जुलाई से तहसील के सामने आमरण अनशन
शराब बिक्री और सट्टे के कारोबार का आरोप; श्रमिक नेता संजय सिंह ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम, पुलिस और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों से मचा हड़कंप

दल्ली राजहरा में शराब-सट्टे का ‘खुला खेल’! 6 दिन में कार्रवाई नहीं तो 27 जुलाई से तहसील के सामने आमरण अनशन
शराब बिक्री और सट्टे के कारोबार का आरोप; श्रमिक नेता संजय सिंह ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम, पुलिस और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों से मचा हड़कंप
- बालोद/दल्ली राजहरा। लौह नगरी दल्ली राजहरा में अवैध शराब और सट्टे के कथित कारोबार को लेकर अब बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। श्रमिक नेता संजय सिंह ने जिला कलेक्टर बालोद को स्मरण पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि शहर में अवैध शराब बिक्री के साथ-साथ सट्टे का कारोबार भी कथित रूप से धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे आम जनता और खासकर श्रमिक परिवारों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
संजय सिंह ने प्रशासन को 6 दिन का अल्टीमेटम देते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में अवैध शराब और सट्टे के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 27 जुलाई 2026 से दल्ली राजहरा तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
शराब के बाद अब सट्टे ने भी बढ़ाई चिंता!
स्मरण पत्र में अवैध शराब बिक्री के साथ अवैध सट्टे पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। आरोप है कि दल्ली राजहरा में सट्टे का कथित कारोबार युवाओं और मजदूर वर्ग को अपनी चपेट में ले रहा है। मेहनत की कमाई को रातों-रात दोगुना करने के लालच में लोग अपनी जमा पूंजी गंवा रहे हैं और कई परिवार आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं।
सवाल यह है कि अगर सट्टे का कारोबार खुलेआम चल रहा है, तो जिम्मेदार विभागों की निगरानी आखिर कहां है?
27 वार्डों में अवैध शराब का आरोप—क्या प्रशासन बेखबर?
संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि दल्ली राजहरा नगर के 27 वार्डों में शराब कोचियों द्वारा कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। सरकारी दुकानों से शराब लेकर उसे ऊंचे दामों पर गली-मोहल्लों में बेचने का आरोप लगाया गया है।
विरोध करो तो धमकी, सट्टे और शराब के खिलाफ आवाज उठाना भी मुश्किल?
स्मरण पत्र में दावा किया गया है कि अवैध कारोबार का विरोध करने वाले लोगों को कथित तौर पर धमकाया जाता है। इससे आम लोग खुलकर शिकायत करने से डरते हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल अवैध शराब या सट्टे का मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है।
पुलिस और स्थानीय राजनीतिक संरक्षण के आरोप
संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध शराब और सट्टे के कथित कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने पुलिस संरक्षण और एक स्थानीय नेता के सहयोग के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अब सवाल है—क्या प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा?
वार्ड 04 में खुलेआम शराब बिक्री का आरोप
स्मरण पत्र में वार्ड क्रमांक 04 का विशेष उल्लेख करते हुए एक युवक द्वारा सेन समाज और देवार समाज भवन के पीछे कथित रूप से सुबह से देर रात तक अवैध शराब बेचने का आरोप लगाया गया है। संजय सिंह का दावा है कि संबंधित अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
6 दिन का अल्टीमेटम—फिर आर-पार की लड़ाई!
संजय सिंह ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 6 दिनों के भीतर अवैध शराब और सट्टे के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 27 जुलाई 2026 से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
अब असली सवाल—शराब और सट्टे के कथित कारोबार पर कब टूटेगा प्रशासन का डंडा?
एक तरफ अवैध शराब बिक्री के आरोप, दूसरी तरफ सट्टे के कथित कारोबार की शिकायत और तीसरी तरफ संरक्षण के गंभीर आरोप—इन सबने दल्ली राजहरा में प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
अब जनता की नजरें कलेक्टर, पुलिस और आबकारी विभाग पर टिकी हैं।
क्या 6 दिन में अवैध शराब और सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी?
क्या कथित कारोबारियों पर शिकंजा कसेगा?
क्या संरक्षण देने वालों की जांच होगी?
या फिर 27 जुलाई को तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन से शुरू होगी आर-पार की लड़ाई?
दल्ली राजहरा अब जवाब मांग रहा है—आखिर शराब और सट्टे के इस कथित खेल पर कब लगेगा पूरी तरह ब्रेक?




