शिक्षा विभाग की बड़ी नाकामी! 26 बच्चों के भविष्य पर ‘एक शिक्षक’ का पहरा, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला”
वर्षों से शिक्षक की मांग पर सिर्फ आश्वासन, अब फूटा जनाक्रोश; शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे बड़े सवाल, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

“शिक्षा विभाग की बड़ी नाकामी! 26 बच्चों के भविष्य पर ‘एक शिक्षक’ का पहरा, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला”
वर्षों से शिक्षक की मांग पर सिर्फ आश्वासन, अब फूटा जनाक्रोश; शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे बड़े सवाल, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कोचेरा | गुरूर विकासखंड
शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला सरकारी तंत्र गुरूर विकासखंड के ग्राम कोचेरा में कठघरे में खड़ा नजर आ रहा है। यहां शासकीय मिडिल स्कूल में 26 छात्र-छात्राओं की पूरी पढ़ाई सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रही है। वर्षों तक अतिरिक्त शिक्षक की मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि एक शिक्षक सभी कक्षाओं को एक साथ पढ़ाने को मजबूर है। ऐसे में न तो बच्चों को पर्याप्त समय मिल पा रहा है और न ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा। कई बार आवेदन, ज्ञापन और शिकायतें देने के बावजूद विभाग की ओर से केवल आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि “यदि आज शिक्षा नहीं मिली तो कल बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।” इसी चिंता ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सबसे बड़ा सवाल…
सरकार करोड़ों रुपये शिक्षा पर खर्च करने का दावा करती है, लेकिन जब एक मिडिल स्कूल 26 बच्चों के लिए दूसरा शिक्षक तक नहीं पा रहा, तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस जनआक्रोश को गंभीरता से लेकर तत्काल शिक्षक की व्यवस्था करता है या फिर बच्चों का भविष्य यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा।




