NEWSलोकल न्यूज़

BSP प्रबंधन के खिलाफ जन मुक्ति मोर्चा का बड़ा ऐलान—अब आर-पार की लड़ाई की तैयारी!

20 दिन का आश्वासन बीता, जवाब अब भी गायब; श्रमिकों की मांगों पर चुप्पी से भड़का आक्रोश, उत्पादन प्रभावित करने और आर्थिक नाकेबंदी की रणनीति पर मंथन

BSP प्रबंधन के खिलाफ जन मुक्ति मोर्चा का बड़ा ऐलान—अब आर-पार की लड़ाई की तैयारी!

20 दिन का आश्वासन बीता, जवाब अब भी गायब; श्रमिकों की मांगों पर चुप्पी से भड़का आक्रोश, उत्पादन प्रभावित करने और आर्थिक नाकेबंदी की रणनीति पर मंथन

  • दल्ली राजहरा। श्रमिकों की विभिन्न मांगों और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने अब आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने की तैयारी शुरू कर दी है। 13 अगस्त 2026 को मोर्चा के कृषि कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में 22 जुलाई को दल्ली माइंस गेट क्रमांक-01 के पास किए गए आंदोलन की समीक्षा करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
    मोर्चा का कहना है कि 21 जुलाई 2026 को BSP के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दे उठाए गए थे। इसके बाद 22 जुलाई को आंदोलन के दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि ज्ञापन में उठाए गए मामलों की जांच के लिए 20 दिनों का समय लिया जा रहा है और जांच में दोषी पाए जाने वाले BSP अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
    लेकिन मोर्चा के अनुसार, 20 दिन बीत जाने के बाद भी न तो जांच की स्थिति स्पष्ट की गई और न ही स्थानीय प्रशासन अथवा BSP प्रबंधन की ओर से कोई ठोस जवाब दिया गया। इसी कथित चुप्पी को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
    “आश्वासन नहीं, अब चाहिए कार्रवाई”
    बैठक में वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के सवालों को लंबे समय तक टालना अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने संकेत दिया कि यदि प्रशासन और BSP प्रबंधन की ओर से जल्द ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से व्यापक किया जाएगा।
    बैठक में दल्ली राजहरा में BSP के उत्पादन को प्रभावित करने वाले आंदोलन तथा आर्थिक नाकेबंदी की तैयारी पर भी चर्चा हुई। आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग प्रभारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
    BSP प्रबंधन के लिए बढ़ सकती है चुनौती
    जन मुक्ति मोर्चा की बैठक के बाद दल्ली राजहरा में श्रमिक आंदोलन को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। संगठन ने जिस तरह आगामी रणनीति को लेकर तैयारी शुरू की है, उससे आने वाले दिनों में BSP प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
    हालांकि, प्रस्तावित आंदोलन को लेकर प्रशासन एवं BSP प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन और BSP प्रबंधन समय रहते श्रमिकों की मांगों पर ठोस जवाब और कार्रवाई करेगा, या फिर आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा?
    बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
    बैठक में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के कॉमरेड जीत गुहा नियोगी, मूलचंद चंदेल, रूपा साहू, ईश्वर भूआर्य, चंद्रशेखर यादव, सरकार दादा, नरेश नायक, दयालू भंडारी, शत्रुघ्न साहू, रोहित, ललित विश्वकर्मा, महेंद्र कुमार गंजिर, तरुण उर्वशा, देवराज यादव, पुसाऊ राम साहू, खिलावन कुंजाम, महाजन तारम, घनश्याम, भोमराज, सनातन सराफा सहित जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    फिलहाल श्रमिकों की निगाहें प्रशासन और BSP प्रबंधन के जवाब पर टिकी हैं। यदि संगठन के आरोपों के अनुसार मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो दल्ली राजहरा में आंदोलन का अगला चरण कितना व्यापक होगा, यह आने वाला समय तय करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!