जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के आंदोलन के आगे झुका BSP प्रबंधन!
दल्ली माइंस के गेट नंबर 1 और 2 पर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ का आंदोलन समाप्त, मांगों पर लिखित आश्वासन के बाद 12 घंटे बाद खत्म हुआ धरना

जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के आंदोलन के आगे झुका BSP प्रबंधन!
दल्ली माइंस के गेट नंबर 1 और 2 पर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ का आंदोलन समाप्त, मांगों पर लिखित आश्वासन के बाद 12 घंटे बाद खत्म हुआ धरना
दल्लीराजहरा/बालोद। भारी बारिश के बीच भी अपने हक और लंबित मांगों को लेकर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के हजारों साथी दल्ली माइंस के गेट नंबर 1 और 2 पर डटे रहे। सुबह करीब 4 बजे से शुरू हुए इस आंदोलन का असर आखिरकार दिखाई दिया और प्रबंधन एवं प्रशासन को आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन देना पड़ा। लिखित आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब 4 बजे आंदोलन समाप्त किया गया।
बारिश नहीं तोड़ पाई मजदूरों का हौसला
जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में श्रमिकों ने 21 जुलाई को सौंपे गए ज्ञापन में शामिल विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। बुधवार को भारी बारिश के बावजूद हजारों आंदोलनकारी दल्ली माइंस के दोनों गेटों पर पूरी मजबूती के साथ डटे रहे। आंदोलन स्थल पर ही चाय-नाश्ते और भोजन की व्यवस्था की गई, जिससे आंदोलनकारियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
जन मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल से अधिकारियों की हुई चर्चा
आंदोलन के बीच प्रशासन की ओर से धरना स्थल पर बैठक आयोजित की गई। इसमें स्थानीय तहसीलदार, BSP के वरिष्ठ अधिकारी पांडे और लेबर ऑफिसर रतीश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने श्रमिकों की मांगों को अधिकारियों के सामने रखा।
इसके बाद उच्च अधिकारियों से चर्चा की गई। संगठन के अनुसार, करीब 3 बजे प्रबंधन और प्रशासन की ओर से सभी मांगों पर कार्रवाई करने तथा नियम विरुद्ध कार्य करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद शाम करीब 4 बजे जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
इन मांगों को लेकर गरजा था जन मुक्ति मोर्चा
ठेका श्रमिकों को तत्काल सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए।
रिक्त हुए स्थानों पर नए श्रमिकों की तत्काल नियुक्ति की जाए।
जगन्नाथ स्टील प्लांट में समझौते के अनुसार श्रमिकों को काम दिया जाए।
देव माइनिंग कंपनी में समान काम-समान वेतन लागू किया जाए।
ग्रेवेटी ट्रेक्सिम प्राइवेट लिमिटेड (शारदा) में श्रमिकों को काम दिया जाए।
आंदोलन खत्म, अब आश्वासन पर अमल का इंतजार
जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने प्रबंधन और प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया है। अब श्रमिकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दिए गए आश्वासन के अनुसार मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है।
आंदोलन में जीत गुहा नियोगी, बसंत रावटे, मूलचंद चंदेल, नवल चंद्राकर, ईश्वर भूआर्य, राव बाबू चंद्रशेखर यादव, तुलसी मरकाम (सर्व आदिवासी समाज एवं कारूटोला सरपंच), दीपक सहारे (छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना) सहित जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के हजारों साथी मौजूद रहे।




