राजनीतिक मर्यादाओं का पालन जरूरी, सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा हो : अनिकेत देशलहरे
भाजपा नेता बोले—लोकतंत्र में संवाद और सम्मान दोनों जरूरी, व्यक्तिगत आक्षेपों से बचें राजनीतिक दल

राजनीतिक मर्यादाओं का पालन जरूरी, सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा हो : अनिकेत देशलहरे
भाजपा नेता बोले—लोकतंत्र में संवाद और सम्मान दोनों जरूरी, व्यक्तिगत आक्षेपों से बचें राजनीतिक दल
बालोद, 28 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला सह सोशल मीडिया प्रभारी अनिकेत देशलहरे ने राजनीतिक मर्यादाओं और सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा के प्रयोग पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद और राजनीतिक विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन भाषा की गरिमा, सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
देशलहरे ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठे नेताओं से जनता संयमित और मर्यादित भाषा की अपेक्षा करती है। राजनीतिक बयानबाजी में व्यक्तिगत आक्षेप और परिवार पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को अपने वक्तव्यों में सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता राजनीति में शुचिता, पारदर्शिता, सेवा और मर्यादा चाहती है। भारतीय जनता पार्टी का मूल मंत्र ‘सेवा ही संगठन’ है और भाजपा कार्यकर्ता इसी भावना से जनता की सेवा में जुटे हैं। बालोद जिले में भी संगठन का लक्ष्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी राजनीतिक दलों को संवाद, सम्मान और मर्यादा का पालन करना चाहिए।




