तीन महीने से अंधेरे में पूरा वार्ड! बिजली विभाग की नींद नहीं खुली तो अब जनता खोलेगी मोर्चा!
वार्ड-03 की खराब केबल बनी मुसीबत, दूसरे वार्डों में काम हुआ लेकिन यहां क्यों लगा ब्रेक? पार्षद मनोज दुबे का सीधा सवाल—“किसके दबाव में रोका गया जनता के हक का काम?”

तीन महीने से अंधेरे में पूरा वार्ड! बिजली विभाग की नींद नहीं खुली तो अब जनता खोलेगी मोर्चा!
वार्ड-03 की खराब केबल बनी मुसीबत, दूसरे वार्डों में काम हुआ लेकिन यहां क्यों लगा ब्रेक? पार्षद मनोज दुबे का सीधा सवाल—“किसके दबाव में रोका गया जनता के हक का काम?”
दल्ली राजहरा। शहर के वार्ड क्रमांक 03 में पिछले करीब तीन महीनों से बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। खराब विद्युत केबल के कारण वार्डवासियों को कभी अंधेरे तो कभी अनियमित बिजली आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है, लेकिन विद्युत विभाग की कार्रवाई अब तक कागजों और आश्वासनों से आगे नहीं बढ़ पाई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विभाग को समस्या की जानकारी काफी पहले से है, तो तीन महीने बाद भी वार्ड-03 की खराब केबल क्यों नहीं बदली गई?
🚨 दूसरे वार्डों में केबल बदली, वार्ड-03 को क्यों किया गया दरकिनार?
वार्ड क्रमांक 03 के पार्षद एवं नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने विद्युत विभाग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि विभाग द्वारा वार्ड 21, 24, 27 और 02 में केबल बदलने की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन वार्ड 03 की समस्या को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
मनोज दुबे का सवाल साफ है—
“जब दूसरे वार्डों की खराब केबल बदली जा सकती है, तो वार्ड क्रमांक 03 की जनता को तीन महीने से अंधेरे में क्यों रखा गया है?”
क्या वार्ड-03 की जनता की शिकायतें विभाग के लिए मायने नहीं रखतीं?
क्या यहां के लोगों को सुरक्षित बिजली व्यवस्था का अधिकार नहीं?
या फिर किसी के इशारे पर वार्ड-03 के काम को रोक दिया गया है?
🔥 “किसके राजनीतिक दबाव में रुका काम?”
मनोज दुबे ने सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किसके राजनीतिक दबाव में वार्ड क्रमांक 03 की खराब केबल बदलने का काम रोका जा रहा है?
यदि राजनीतिक दबाव के कारण जनता को मूलभूत सुविधा से वंचित किया जा रहा है, तो यह केवल विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।
हालांकि, राजनीतिक दबाव के आरोप पर संबंधित विभाग या किसी अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब जनता की नजर इस बात पर है कि विद्युत विभाग और प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या जवाब देता है।
⚠️ “हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?”
खराब विद्युत केबल को लेकर अब सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो गया है। मनोज दुबे ने कहा कि यदि खराब केबल के कारण कोई दुर्घटना या जनहानि होती है, तो इसकी नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।
जनता पूछ रही है—क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
💥 अब चेतावनी नहीं… आंदोलन की तैयारी!
मनोज दुबे ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द वार्ड क्रमांक 03 की खराब केबल नहीं बदली गई और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो विभागीय लापरवाही के खिलाफ सक्षम अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
जरूरत पड़ी तो लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से जनआंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
अब फैसला शासन-प्रशासन को करना है—वार्ड-03 का अंधेरा कब छटेगा?
तीन महीने से परेशान जनता अब जवाब चाहती है।
खराब केबल कब बदलेगी?
बिजली व्यवस्था कब सुधरेगी?
और अगर काम रोका गया है तो आखिर किसके दबाव में?
अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन जनता की आवाज सुनकर तत्काल कार्रवाई करता है या फिर वार्ड-03 की जनता को अपने हक के लिए सड़क पर उतरने का इंतजार करना पड़ेगा।
“जनहित सर्वोपरि है। वार्ड क्रमांक 03 की जनता अब और उपेक्षा सहन नहीं करेगी।”
— मनोज दुबे, पार्षद वार्ड क्रमांक 03 एवं उपाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा



