अर्जुंदा महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली, विद्यार्थी परिषद ने उठाए सवाल
दो साल से बंद सेनेटरी पैड मशीन और पेयजल-शौचालय की अव्यवस्था दूर करने सात दिन का अल्टीमेटम, प्राचार्य पर दुर्व्यवहार का आरोप

अर्जुंदा महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली, विद्यार्थी परिषद ने उठाए सवाल
दो साल से बंद सेनेटरी पैड मशीन और पेयजल-शौचालय की अव्यवस्था दूर करने सात दिन का अल्टीमेटम, प्राचार्य पर दुर्व्यवहार का आरोप
अर्जुंदा। शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय, अर्जुंदा में पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की साफ-सफाई और छात्राओं के लिए लगाई गई सेनेटरी पैड मशीन की स्थिति को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नाराजगी जताई है। परिषद के जिला संयोजक दिपेश साहू ने महाविद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से चर्चा की, जिसमें विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आने की बात कही गई। इन समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर परिषद ने प्राचार्य डॉ. सोमाली गुप्ता को ज्ञापन सौंपते हुए सात दिनों की समय-सीमा दी है।
दो साल से बंद मशीन, पेयजल और सफाई पर भी सवाल
विद्यार्थियों के अनुसार, महाविद्यालय में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की नियमित साफ-सफाई भी नहीं हो रही है। वहीं, छात्राओं की सुविधा के लिए लगाई गई सेनेटरी पैड मशीन लगभग दो वर्षों से बंद पड़ी है। विद्यार्थी परिषद ने इन समस्याओं को छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा विषय बताते हुए शीघ्र सुधार की मांग की है।
ज्ञापन देने पहुंचे पदाधिकारियों से दुर्व्यवहार का आरोप
समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने के दौरान प्राचार्य द्वारा विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। जिला संयोजक दिपेश साहू और विद्यार्थियों के अनुसार, प्राचार्य ने कथित तौर पर कहा, “चलो, अपना काम करो, यहां से मेरा टाइम खराब मत करो।” वहीं, सात दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं होने की स्थिति पर कथित रूप से चुनौतीपूर्ण टिप्पणी किए जाने का भी आरोप है।
विद्यार्थी परिषद ने इस व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना महाविद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है। परिषद ने छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल और विद्यार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग की है।
सात दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सेनेटरी पैड मशीन को दोबारा चालू कराने सहित अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग की है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि सात दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो छात्रहित में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रबंधन की होगी।
विद्यार्थी परिषद का कहना है कि विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं और छात्राओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से लिया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि निर्धारित समय-सीमा में महाविद्यालय प्रबंधन इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।




