आठ सूत्रीय मांगों को लेकर श्री जगन्नाथ स्टील एंड पावर लिमिटेड के मुख्य द्वार पर गरजे मजदूर, जन मुक्ति मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
समान काम–समान वेतन, ₹26 हजार न्यूनतम वेतनमान, रात्रिपाली भत्ता सहित आठ मांगों पर 15 दिन का अल्टीमेटम; मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

आठ सूत्रीय मांगों को लेकर श्री जगन्नाथ स्टील एंड पावर लिमिटेड के मुख्य द्वार पर गरजे मजदूर, जन मुक्ति मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
समान काम–समान वेतन, ₹26 हजार न्यूनतम वेतनमान, रात्रिपाली भत्ता सहित आठ मांगों पर 15 दिन का अल्टीमेटम; मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
दल्लीराजहरा। जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के बैनर तले मंगलवार को श्री जगन्नाथ स्टील एंड पावर लिमिटेड में कार्यरत मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी के मुख्य द्वार पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी आठ सूत्रीय मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
सुबह 11 बजे जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के कृषि कार्यालय में मजदूर एकत्रित हुए, जहां से सभी साथी रैली के रूप में श्री जगन्नाथ पावर प्लांट पहुंचे। मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकारियों ने “समान काम समान वेतनमान लागू करो”, “सभी मजदूरों का न्यूनतम वेतन ₹26 हजार करो”, “केंद्रीय सरकार का वेतनमान लागू करो”, “रात्रिपाली भत्ता दो” जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कंपनी के जिम्मेदार उच्च अधिकारी की अनुपस्थिति में प्रबंधन की ओर से अधिकारी पात्रो ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में कॉ. बसंत रावटे, कॉ. महेंद्र कुमार गंजिर, कॉ. रूपा साहू, कॉ. शत्रुधन साहू एवं कॉ. ईश्वर निर्मलकर शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन को आठ सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए 15 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का समय दिया।
मांगपत्र में रात्रिपाली भत्ता, कार्यस्थल तक आने-जाने के लिए वाहन भत्ता, कैंटीन एवं डस्ट भत्ता, मेडिकल सुविधा, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, समय पर सीपीएफ जमा करने, वाहन पार्किंग की व्यवस्था तथा यूनियन से हुए समझौते के अनुसार मजदूरों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
धरना-प्रदर्शन में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के कॉ. जीत गुहा नियोगी, कॉ. नवल चंद्राकर, कॉ. जयसिंह दुग्गा, रोहित, ललित विश्वकर्मा, चंद्रशेखर यादव, ईश्वर भूआर्य, महेश कोला, सनातन सराफा, यादराम कोर्राम, पवन विश्वकर्मा, भोमराज, जीवन निर्मलकर सहित सैकड़ों मजदूर उपस्थित रहे।
जन मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर मजदूरों की जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।




