179 सप्ताह से ‘स्वच्छ धरा’ का जनकल्याण अभियान जारी: पौधारोपण से लेकर नदी-तालाब की सफाई तक, पर्यावरण बचाने मैदान में उतरी टीम
स्वच्छता, जल संरक्षण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन का संदेश लेकर छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर चला अभियान; समिति की अपील—‘सरकार के भरोसे नहीं, हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए’

179 सप्ताह से ‘स्वच्छ धरा’ का जनकल्याण अभियान जारी: पौधारोपण से लेकर नदी-तालाब की सफाई तक, पर्यावरण बचाने मैदान में उतरी टीम
स्वच्छता, जल संरक्षण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन का संदेश लेकर छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर चला अभियान; समिति की अपील—‘सरकार के भरोसे नहीं, हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए’
भिलाई/दुर्ग/बालोद/रायपुर। समाज और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ का जनकल्याणकारी अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। समिति द्वारा 179वें सप्ताह में भी पौधारोपण, पौधों की देखभाल, जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, गाजर घास उन्मूलन और नशामुक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
संस्था के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य केवल कचरा उठाना या पौधे लगाना नहीं, बल्कि आम जनता को अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराना और समाज में स्थायी बदलाव लाना है।
‘स्वच्छता किसी एक की जिम्मेदारी नहीं, हम सबका कर्तव्य है’
अभियान के दौरान शिवनाथ नदी घाट, मुक्ति धाम, शिव-दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई की गई। नदी और मंदिर परिसर से प्लास्टिक बोतल, पानी पाउच, गुटखा पाउच, डिस्पोजल, दोना-पत्तल, शराब की बोतल और अन्य कचरा एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया।
समिति ने आम नागरिकों से अपील की कि नदी, तालाब, मंदिर, गार्डन और सार्वजनिक स्थानों को कचरा फेंकने की जगह न बनाएं। आज हम जो कचरा जलस्रोतों में डालते हैं, उसका नुकसान आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।
समिति ने कहा कि स्वच्छ भारत केवल अभियान से नहीं, बल्कि नागरिकों की आदत बदलने से बनेगा। इसलिए हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह खुद कचरा नहीं फैलाएगा और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेगा।
बारिश में भी पौधारोपण करते रहे बच्चे, नन्हे अक्षत ने दिया बड़ा संदेश
तालपुरी भिलाई में समिति प्रभारी कुंवर सिंह देशमुख के नेतृत्व में स्कूली छात्र-छात्राओं ने मित्रता दिवस के अवसर पर पौधे और बीज रोपे।
बारिश के दौरान जब बच्चों को जल्दी पौधारोपण करने के लिए कहा गया तो नन्हे छात्र अक्षत ने कहा—
“कोई बात नहीं, हमें बारिश से कोई फर्क नहीं पड़ता। भले हम भीग जाएं, लेकिन यह पानी पौधों को मिलेगा, जो उनके लिए जरूरी है।”
नन्हे अक्षत की यह बात पूरे अभियान का संदेश बन गई—यदि बच्चे प्रकृति के लिए बारिश में भी खड़े हो सकते हैं, तो हम बड़े अपने जीवन में एक पौधे की जिम्मेदारी क्यों नहीं ले सकते?
गाजर घास से मुक्ति के लिए चला अभियान
शिव पार्वती धाम बालोद, शिव मंदिर महाकाल सुरेगांव, शिव दुर्गा मंदिर भिलाई, कपिश्वर धाम भिलाई और ग्राम अंजोरा दुर्ग सहित विभिन्न स्थानों पर गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया गया।
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया गया। समिति ने बताया कि लगातार जागरूकता और जड़ से उन्मूलन के प्रयासों से कई स्थानों पर गाजर घास में कमी आई है।
समिति ने आम लोगों से अपील की कि अपने घर, खेत, स्कूल और आसपास के खाली स्थानों पर गाजर घास दिखाई दे तो उसे जड़ सहित हटाएं और सुरक्षित तरीके से नष्ट करें। यह छोटा कदम समाज के स्वास्थ्य की रक्षा में बड़ा योगदान बन सकता है।
नदी-तालाब बचेंगे तो आने वाली पीढ़ियां बचेंगी
महादेव घाट शिव मंदिर रायपुर सहित विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। समिति ने लोगों को समझाया कि नदी और तालाब केवल पानी के स्रोत नहीं, बल्कि हमारे जीवन, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं।
समिति ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की कि पूजा-पाठ के बाद प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य सामग्री नदी-तालाब में न डालें। पूजा सामग्री के विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था का उपयोग करें।
कम से कम पूजा सामग्री का उपयोग करें, जलस्रोतों को प्रदूषित न करें और अपने बच्चों को भी जल संरक्षण का संस्कार दें।
हर नागरिक लगाए एक पौधा, लेकिन जिम्मेदारी भी निभाए
संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है। पौधे को पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण हमेशा उचित और निर्धारित स्थान पर किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में पेड़ों को काटने की आवश्यकता न पड़े और आम जनता को परेशानी न हो। पौधों की सुरक्षा के लिए मजबूत ट्री गार्ड लगाए जाएं और नियमित रूप से उनकी निंदाई-गुड़ाई एवं देखभाल की जाए।
उन्होंने कहा कि समिति द्वारा हर वर्ष गर्मी से पहले और बरसात में गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया जाता है। साथ ही तालाबों की सफाई और जल संरक्षण के लिए भी लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
दुर्ग निगम से भी की गई जनहित में अपील
नवनीत कुमार हरदेल ने दुर्ग निगम प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि शिवनाथ नदी, मुक्ति धाम, महमरा एनीकट क्षेत्र में श्रद्धालुओं द्वारा घाट पर एकत्रित किया गया कचरा तत्काल उठाकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि जब नागरिक अपनी ओर से कचरा उठाकर एक जगह जमा कर रहे हैं, तो प्रशासन भी उसे समय पर उठाकर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करे। जनता और प्रशासन मिलकर काम करेंगे तभी स्वच्छ शहर और स्वच्छ नदी का सपना पूरा होगा।
‘स्वच्छ धरा’ की अपील—आज एक कदम आप भी बढ़ाएं
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि समिति लगातार लोगों को प्रेरित करने का प्रयास कर रही है। लेकिन यह अभियान तभी सफल होगा, जब आम नागरिक भी इसमें अपनी भागीदारी निभाएंगे।
उन्होंने कहा—
“आप अपने घर से शुरुआत करें। एक पौधा लगाएं, उसे बचाएं। कचरा सड़क पर न फेंकें। नदी-तालाब को प्रदूषित न करें। गाजर घास को जड़ से हटाएं। नशे से दूर रहें और कम से कम एक व्यक्ति को इसके लिए जागरूक करें। आपका एक छोटा प्रयास समाज के लिए बड़ा बदलाव बन सकता है।”
जनता के लिए ‘स्वच्छ धरा’ का संदेश
🌱 एक व्यक्ति—एक पौधा, एक पौधा—एक जिम्मेदारी।
💧 नदी बचाएं, तालाब बचाएं, आने वाली पीढ़ी का जीवन बचाएं।
🗑️ कचरा डस्टबिन में डालें, सार्वजनिक स्थानों को अपना घर समझकर साफ रखें।
🚫 नशे से दूर रहें, परिवार और समाज को सुरक्षित रखें।
🌿 गाजर घास हटाएं, स्वस्थ पर्यावरण बनाएं।
🤝 सिर्फ शिकायत न करें, समाधान का हिस्सा बनें।
अभियान के दौरान समिति के सदस्यों ने बैनर, स्लोगन और नारों के माध्यम से लोगों को संदेश दिया—
“जल है तो बल है।”
“जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ।”
“पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ।”
“नशे की आदत छोड़ो, परिवार का भविष्य जोड़ो।”
“जितने काटोगे पेड़, उससे अधिक हम लगाएंगे।”
स्वच्छ धरा का संदेश—‘जनता जुड़ेगी, तभी बदलेगी तस्वीर’
स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ ने आम जनता से अपील की है कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न समझें। यह हर परिवार, हर मोहल्ले और हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
आज आप एक पौधा लगाएं, कल वही पौधा किसी को छांव देगा।
आज आप नदी में कचरा डालने से किसी को रोकें, कल वही नदी किसी की प्यास बुझाएगी।
आज आप गाजर घास हटाएं, कल कोई परिवार स्वस्थ वातावरण में सांस लेगा।
आइए, बदलाव की शुरुआत खुद से करें।
स्वच्छ धरा बनाएं, स्वस्थ समाज बनाएं और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दें।
“स्वच्छ धरा पर चल, होगा हर समस्या हल।”
इस जनकल्याणकारी अभियान में प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र साहू, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल, टीनल हरदेल, चितरंजन दुर्गा देशमुख, भानु शंकर बेलचंदन, गिरिश सुकतेल, राजेंद्र साहू, कार्तिक राम चंद्राकर, भानु सिंह साहू, श्रीमती श्वेता जैन, श्रीमती निकिता जयेश शिंगणे, श्रीमती सरोज टहनगुरिया, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, भागीरथी सिन्हा, तालपुरी प्रभारी कुंवर सिंह देशमुख सहित समिति के सदस्य, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




